नई दिल्ली: दिल्ली पुलिस ने मंगलवार को कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रवक्ता सौरव दास और आशुतोष रांका को हिरासत में ले लिया। दोनों पार्टी समर्थकों के साथ जंतर-मंतर पहुंचे थे और वहां नारेबाजी कर रहे थे। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लेकर बिना अनुमति जंतर-मंतर में प्रवेश करने के मामले में कार्रवाई की।
CJP ने हिरासत में लिए गए नेताओं का वीडियो जारी किया। वीडियो में आशुतोष रांका ने कहा कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे तक जंतर-मंतर पर प्रदर्शन जारी रहेगा। उन्होंने कहा, “आज 10 लोग आए हैं, कल 1,000 आएंगे और परसों 10,000 आएंगे।”
CJP मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के विरोध में प्रदर्शन कर रही है। पार्टी ने 10 अक्टूबर को जंतर-मंतर पर प्रदर्शन का ऐलान किया था, लेकिन उसके नेता वहां नहीं पहुंच पाए थे।
अभिजीत दीपके बोले- तिरंगा लहराना कब से कानून का उल्लंघन हो गया?
CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके ने जंतर-मंतर पर प्रदर्शन से जुड़े घटनाक्रम पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा, “तिरंगा लहराना कब से वायलेशन हो गया? जो भी ये सोचता है कि जंतर-मंतर पर तिरंगा लहराना वायलेशन है, वो देशद्रोही है।”
दीपके ने आगे कहा कि भारत में तिरंगा लहराना कानून का उल्लंघन कैसे हो सकता है। उन्होंने इसे “तानाशाह मानसिकता का सबसे बड़ा उदाहरण” बताया।
केंद्र ने जंतर-मंतर को प्रदर्शन स्थलों की सूची से हटाया
केंद्र सरकार ने सोमवार को जंतर-मंतर को निर्धारित प्रदर्शन स्थलों की सूची से हटा दिया था। करीब 33 साल पहले जंतर-मंतर को प्रदर्शन स्थल के तौर पर तय किया गया था। अन्ना आंदोलन, पहलवानों के प्रदर्शन और कॉकरोच जनता पार्टी के धरने जैसे कई आंदोलन यहां हो चुके हैं।
गृह मंत्रालय की ओर से गठित कमेटी की सिफारिश पर अब दिल्ली के रामलीला मैदान, बुराड़ी ग्राउंड और पूर्वी दिल्ली के CBD ग्राउंड को प्रदर्शन स्थलों के तौर पर निर्धारित किया गया है। हालांकि, सरकार ने जंतर-मंतर को सूची से हटाने की वजह सार्वजनिक नहीं की है। संसद से करीब डेढ़ किलोमीटर की दूरी को इसकी संभावित वजह माना जा रहा है।
प्रदर्शन की अनुमति मांगने के कुछ देर बाद जारी हुआ आदेश
CJP के नेता सोमवार को दिल्ली के संसद मार्ग थाने पहुंचे थे। उन्होंने पुलिस से जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के लिए तारीख और समय तय करने की मांग की थी। पार्टी ने इस संबंध में 24 घंटे के भीतर जवाब देने को कहा था।
इसके कुछ देर बाद जंतर-मंतर को निर्धारित प्रदर्शन स्थलों की सूची से हटाने का आदेश जारी कर दिया गया। इसके बाद मंगलवार को CJP के नेता समर्थकों के साथ जंतर-मंतर पहुंचे, जहां पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया।

