नई दिल्ली: मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के विरोध में INDIA ब्लॉक के नेताओं ने मंगलवार को कांग्रेस सांसद राहुल गांधी के आवास पर बैठक की। करीब दो घंटे चली इस बैठक में विपक्षी दलों के नेताओं, सांसदों और छात्र संगठनों के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। बैठक के बाद सभी नेता एक साथ बाहर आए और मीडिया को संबोधित किया।
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने कहा कि विपक्ष का आंदोलन देश में लोकतंत्र और लोकतांत्रिक प्रक्रिया को बहाल करने के उद्देश्य से चलाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का इस्तीफा लेना विपक्ष का मिशन है और इसके लिए आंदोलन लंबे समय तक जारी रह सकता है।
राहुल गांधी ने कहा, “इसमें जितना भी समय लगे, एक दिन, एक साल या दो साल, हमारा आंदोलन जारी रहेगा।” उन्होंने कहा कि विपक्ष लोकतांत्रिक व्यवस्था बहाल करने के लिए अंत तक संघर्ष करेगा।
‘लोकतंत्र बहाल करने के लिए एकजुट होकर लड़ेंगे’
राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि देश की लोकतांत्रिक संस्थाओं और संवैधानिक व्यवस्था को कमजोर किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि विपक्ष का यह आंदोलन किसी एक पार्टी का नहीं, बल्कि लोकतंत्र बहाल करने की साझा लड़ाई है।
उन्होंने कहा, “यहां कोई अलग-अलग प्रदर्शन नहीं है। एक ही आंदोलन है और उसका एक ही मकसद है- भारत में लोकतंत्र की बहाली।” राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग और संविधान को नुकसान पहुंचाया गया है और विपक्ष मिलकर लोकतांत्रिक शासन बहाल करने के लिए संघर्ष करेगा।
उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर भी निशाना साधा। राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि लोकतांत्रिक व्यवस्था को कमजोर करने के लिए जिम्मेदार लोगों को जवाबदेह ठहराया जाएगा।
राहुल गांधी ने कहा कि विपक्ष की लड़ाई किसी एक संस्थान के फैसले पर निर्भर नहीं है। उन्होंने सुप्रीम कोर्ट और भारतीय न्याय व्यवस्था के प्रति सम्मान जताते हुए कहा कि न्यायपालिका की अपनी भूमिका है, लेकिन राजनीतिक और जन आंदोलन जारी रहेगा।
जंतर-मंतर पर प्रदर्शन की पाबंदी को चुनौती देने की बात
राहुल गांधी ने जंतर-मंतर को निर्धारित प्रदर्शन स्थलों की सूची से हटाए जाने के फैसले पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि जंतर-मंतर लोकतांत्रिक विरोध दर्ज कराने का एक महत्वपूर्ण स्थान रहा है और विपक्ष सरकार के इस फैसले को चुनौती देगा।
उन्होंने कहा कि सरकार यह तय नहीं कर सकती कि देश के लोग अपनी आवाज उठाने के लिए संघर्ष नहीं करेंगे।
गौरतलब है कि केंद्र सरकार ने सोमवार को जंतर-मंतर को निर्धारित प्रदर्शन स्थलों की सूची से हटा दिया था। इसके बाद CJP के नेताओं ने वहां प्रदर्शन करने की कोशिश की थी, जिस दौरान दिल्ली पुलिस ने पार्टी के प्रवक्ता सौरव दास और आशुतोष रांका समेत कई समर्थकों को हिरासत में लिया था।
आठ दिन में विपक्ष की छठी बैठक
पिछले आठ दिनों में विपक्षी नेताओं की यह छठी बैठक थी। इसमें राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) की नेता सुप्रिया सुले, CPI नेता डी. राजा, राजद नेता तेजस्वी यादव, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और कांग्रेस सांसद के. सुरेश समेत कई नेता शामिल हुए।
CPI(M) नेता एमए बेबी ने आरोप लगाया कि भाजपा वोट, विरोध प्रदर्शन की जगह और लोकतंत्र को छीन रही है। वहीं, केरल के मंत्री रमेश चेन्निथला ने कहा कि INDIA ब्लॉक और कांग्रेस चुनाव आयोग के खिलाफ अपना संघर्ष जारी रखेंगे। उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर चुनावी प्रक्रिया को नुकसान पहुंचाने का आरोप लगाया।
चेन्निथला ने यह भी दावा किया कि केरल में लोक निर्माण विभाग (PWD) के सचिव रहते हुए ज्ञानेश कुमार के कथित कदाचार और भ्रष्टाचार से जुड़ी एक फाइल की राज्य सरकार जांच कर रही है। उन्होंने कहा कि मामले से संबंधित दस्तावेजों की पड़ताल की जा रही है। ये आरोप चेन्निथला ने लगाए हैं; उपलब्ध जानकारी में इस संबंध में ज्ञानेश कुमार या चुनाव आयोग का पक्ष शामिल नहीं है।
‘आंदोलन अपने अंतिम लक्ष्य तक पहुंचेगा’
राहुल गांधी ने कहा कि विपक्षी दलों ने हाल के दिनों में जिस एकजुटता और ऊर्जा के साथ प्रदर्शन किया है, उसे आगे भी बनाए रखा जाएगा। उन्होंने आंदोलन को जारी रखने के संकल्प को दोहराते हुए कहा कि विपक्ष अपने अंतिम लक्ष्य तक पहुंचेगा।
राहुल गांधी के मुताबिक, यह संघर्ष केवल राजनीतिक दलों का नहीं, बल्कि देश के लोगों और उनके लोकतांत्रिक अधिकारों के भविष्य का सवाल है। उन्होंने कहा कि विपक्ष लोकतांत्रिक प्रक्रिया बहाल करने के लिए अंत तक लड़ने के अपने वादे पर कायम है।

