राजस्थान के जयपुर जिले में शनिवार तड़के जयपुर-दिल्ली एक्सप्रेसवे पर एक खड़े ट्रक से टक्कर के चलते 75 वर्षीय महिला की मौत हो गई। हादसा उस वक्त हुआ जब कथित रूप से पुलिस ने ट्रक को रोककर ‘वसूली’ की मांग की थी। हादसे में एक पुलिसकर्मी सहित चार लोग घायल हो गए हैं।
यह घटना चंदवाजी थाना क्षेत्र के मानपुरा पुलिया के पास सुबह करीब 4 बजे हुई। ट्रक के पास खड़ी महिला प्रेममति कुशवाहा को पीछे से आ रहे एक अन्य ट्रक ने टक्कर मार दी। वह मौके पर ही दम तोड़ गईं।
हादसे के बाद गुस्साए लोगों ने एक्सप्रेसवे पर जाम लगा दिया और मृतका का शव सड़क पर रखकर पुलिस के खिलाफ प्रदर्शन किया। पुलिस पर वसूली के आरोप लगाए गए हैं। मृतका के परिवार ने कहा कि ट्रक में केवल परिवार के सदस्य सवार थे और पुलिस ने ओवरलोडिंग का बहाना बनाकर 20 हजार रुपये की मांग की थी।
‘वसूली के चक्कर में गई जान’
प्रेममति कुशवाहा की बेटी जयश्री ने आरोप लगाया कि पुलिस ने उनके ट्रक को रोका और भाई से 20 हजार रुपये मांगे। उन्होंने बताया, “मेरी मां नीचे उतरी थीं, तभी तेज रफ्तार ट्रक ने उन्हें कुचल दिया। अगर पुलिस वसूली में न लगी होती, तो शायद मेरी मां आज जिंदा होतीं।”
परिवार खाटूश्याम जी के दर्शन के लिए जा रहा था। इसी दौरान चेतक-2 टीम ने ट्रक को रोका था। हादसे में चेतक में तैनात कांस्टेबल प्रभुनारायण भी घायल हो गए। सभी घायलों को निम्स अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
जांच शुरू, चार पुलिसकर्मी लाइन हाजिर
एडिशनल एसपी नारायण तिवाड़ी ने बताया कि प्राथमिक जांच के आधार पर चेतक यूनिट के चार पुलिसकर्मियों को लाइन हाजिर कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि जांच में अगर आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित पुलिसकर्मियों को निलंबित किया जाएगा।
इस हादसे ने एक बार फिर हाईवे पर पुलिस वसूली और उससे जुड़े खतरों को उजागर कर दिया है। जांच के नतीजों पर अब सबकी नजरें टिकी हैं।

