सहारनपुर (उत्तर प्रदेश), 11 अक्टूबर — अफगानिस्तान के विदेश मंत्री अमीर खान मुत्तकी शनिवार को उत्तर प्रदेश के देवबंद पहुंचे, जहां उनका फूल बरसाकर गर्मजोशी से स्वागत किया गया। हालांकि, कार्यक्रम के दौरान महिला पत्रकारों की एंट्री पर रोक लगाए जाने से विवाद खड़ा हो गया है।
दारुल उलूम के मीडिया प्रभारी अशरफ उस्मानी ने कवरेज के लिए पहुंची महिला पत्रकारों से कहा कि वे पर्दे के पीछे अलग स्थान पर बैठें। इससे पत्रकारों में नाराजगी देखने को मिली। बता दें कि दिल्ली में भी मुत्तकी की प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान महिला पत्रकारों को शामिल नहीं किया गया था।
मुत्तकी दोपहर करीब 12 बजे दिल्ली से सड़क मार्ग से देवबंद पहुंचे। इस दौरान बड़ी संख्या में छात्र उनका स्वागत करने पहुंचे, जिससे भीड़ बढ़ने पर सुरक्षा घेरा टूट गया और पुलिस को भीड़ को नियंत्रित करने में दिक्कत हुई। हंगामे के कारण मुत्तकी को गार्ड ऑफ ऑनर नहीं दिया जा सका।
अपने स्वागत पर प्रतिक्रिया देते हुए अफगान मंत्री ने कहा, “मैं देवबंद के उलेमा और यहां के लोगों का इस गर्मजोशी भरे स्वागत के लिए आभारी हूं। भारत और अफगानिस्तान के संबंधों का भविष्य उज्ज्वल दिखाई देता है।”
मुत्तकी दारुल उलूम में लगभग पांच घंटे रुकेंगे और यहां इस्लामी शिक्षा प्राप्त कर रहे अफगानिस्तान के 20 छात्रों से मुलाकात करेंगे। देवबंद का दारुल उलूम इस्लामी शिक्षा का एक 156 साल पुराना प्रतिष्ठित केंद्र है।
इससे पहले, शुक्रवार को दिल्ली स्थित अफगान एंबेसी में हुई प्रेस कॉन्फ्रेंस में भी कोई महिला पत्रकार मौजूद नहीं थी, जिस पर कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से सवाल किया था कि “भारत में हमारे ही देश की सक्षम महिला पत्रकारों का अपमान कैसे होने दिया गया?”
अमीर खान मुत्तकी सात दिन के भारत दौरे पर हैं और 9 अक्टूबर को काबुल से दिल्ली पहुंचे थे।

