जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद केंद्र सरकार ने विदेशी नागरिकों के ख़िलाफ़ कड़ी कार्रवाई शुरू कर दी है। गुजरात, हरियाणा, असम, उत्तर प्रदेश और पंजाब में बड़े पैमाने पर अवैध रूप से रह रहे विदेशियों को हिरासत में लिया गया है या देश से बाहर भेजा जा रहा है।
गुजरात में 557 बांग्लादेशी हिरासत में
गुजरात के अहमदाबाद और सूरत में पुलिस ने शनिवार को देर रात ऑपरेशन चलाते हुए 557 बांग्लादेशी नागरिकों को हिरासत में लिया। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के निर्देश के बाद यह अभियान चलाया गया। अहमदाबाद से 457 और सूरत से 100 लोगों को पकड़ा गया। पुलिस दस्तावेजों की जांच कर रही है और वैध कागज़ात नहीं मिलने पर इन्हें देश से निकाला जाएगा। कुछ लोगों के पास से भारतीय आधार कार्ड भी मिले हैं।
हरियाणा सरकार ने 460 पाकिस्तानी नागरिकों को निकालने का आदेश दिया
हरियाणा में मुख्यमंत्री नायब सैनी ने राज्य में रह रहे 460 पाकिस्तानी नागरिकों को वापस भेजने का आदेश दिया है। इनमें अधिकतर हिंदू समुदाय के लोग हैं, जिन्होंने भारतीय नागरिकता के लिए आवेदन किया है, लेकिन उन पर अब तक कोई फ़ैसला नहीं हुआ है।
असम में छह बांग्लादेशी गिरफ्तार
असम पुलिस ने भारत में अवैध रूप से प्रवेश की कोशिश कर रहे छह बांग्लादेशी नागरिकों को गिरफ़्तार किया है। इनमें एक महिला भी शामिल है। सभी को अब कानूनी प्रक्रिया के तहत वापस भेजा जाएगा।
उत्तर प्रदेश में चार पाकिस्तानी महिलाएं वापस भेजी गईं
उत्तर प्रदेश पुलिस ने चार पाकिस्तानी महिला नागरिकों को वापस भेजा है। ये महिलाएं टूरिस्ट वीज़ा पर बुलंदशहर आई थीं और अब वाघा-अटारी बॉर्डर के रास्ते पाकिस्तान लौट गई हैं।
पंजाब में लौटते दिखे पाकिस्तानी नागरिक
पंजाब के अटारी बॉर्डर पर पाकिस्तानी नागरिक भारत छोड़ते नज़र आ रहे हैं। केंद्र सरकार ने सभी पाकिस्तानी नागरिकों को 1 मई 2025 तक भारत छोड़ने का निर्देश दिया है। शनिवार को लौटती एक पाकिस्तानी महिला ने कहा, “हमारा वीजा डेढ़ महीने का था, लेकिन अब 15 दिन में लौटना पड़ रहा है। हम 10 साल बाद भारत आए थे, और अब आतंकवादियों की हरकत की सज़ा हम जैसे लोगों को मिल रही है।”
सभी वीज़ा रद्द, कुछ श्रेणियों को छोड़कर
भारत सरकार ने लॉन्ग टर्म वीज़ा, डिप्लोमेटिक और ऑफ़िशियल वीज़ा को छोड़कर पाकिस्तानियों को जारी सभी वीज़ा रद्द कर दिए हैं। पाकिस्तानी हिंदू श्रद्धालुओं को 27 अप्रैल तक और मेडिकल वीज़ा धारकों को 29 अप्रैल तक भारत छोड़ने के निर्देश दिए गए हैं।
सरकार का कहना है कि अवैध रूप से भारत में रह रहे विदेशी नागरिकों की पहचान कर उन्हें उनके देश वापस भेजा जाएगा। इसके लिए राज्यों को निर्देश जारी कर दिए गए हैं।

