प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के ज़रिए आयोजित ‘रोजगार मेला’ को संबोधित किया और विभिन्न सरकारी विभागों व संगठनों में नियुक्ति पाने वाले 51,000 से अधिक युवाओं को नियुक्ति पत्र सौंपे। अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने कहा कि आज का दिन युवाओं के लिए नई जिम्मेदारियों की शुरुआत है, जहां उन्हें देश की आर्थिक व्यवस्था को मजबूत करने, आंतरिक सुरक्षा को सुदृढ़ करने, आधुनिक बुनियादी ढांचे के निर्माण में योगदान देने और श्रमिकों के जीवन में बदलाव लाने में अहम भूमिका निभानी है।
प्रधानमंत्री ने भरोसा जताया कि युवा अपनी जिम्मेदारियों को पूरी निष्ठा से निभाएंगे और भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के संकल्प में महत्वपूर्ण भूमिका अदा करेंगे।
‘युवा शक्ति के बिना राष्ट्र निर्माण अधूरा’
श्री मोदी ने कहा, “किसी भी देश की तरक्की और सफलता की नींव उसकी युवा पीढ़ी है। जब युवा राष्ट्र निर्माण में सक्रिय रूप से भाग लेते हैं, तब विकास की गति तेज होती है और देश वैश्विक मंच पर अपनी पहचान बनाता है।” उन्होंने यह भी कहा कि भारत के युवा आज अपनी मेहनत और नवाचार के ज़रिए दुनिया को देश की अपार क्षमताओं का परिचय दे रहे हैं।
प्रधानमंत्री ने बताया कि सरकार ‘स्किल इंडिया’, ‘स्टार्टअप इंडिया’ और ‘डिजिटल इंडिया’ जैसी पहलों के माध्यम से युवाओं को रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर उपलब्ध करा रही है। उन्होंने डिजिटल प्लेटफॉर्म्स जैसे UPI, ONDC और गवर्नमेंट ई-मार्केटप्लेस (GeM) के जरिए युवाओं के योगदान को रेखांकित किया, और कहा कि आज भारत रियल-टाइम डिजिटल लेनदेन में दुनिया का नेतृत्व कर रहा है।
‘मेक इन इंडिया’ को बढ़ावा देगा ‘मैन्युफैक्चरिंग मिशन’
प्रधानमंत्री ने कहा कि बजट 2025 में घोषित ‘मैन्युफैक्चरिंग मिशन’ ‘मेक इन इंडिया’ को नई ऊर्जा देगा और युवाओं को वैश्विक मानकों के अनुरूप उत्पाद बनाने के अवसर प्रदान करेगा। यह पहल देशभर में लाखों एमएसएमई और छोटे उद्यमियों को सहारा देगी और रोजगार के नए रास्ते खोलेगी।
उन्होंने आईएमएफ की हालिया रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि भारत आने वाले वर्षों में भी दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था बना रहेगा, जिससे हर क्षेत्र में रोजगार के नए अवसर उत्पन्न होंगे। श्री मोदी ने ऑटोमोबाइल और फुटवियर उद्योगों में रिकॉर्ड उत्पादन और निर्यात को युवाओं के लिए नए अवसरों का संकेत बताया।
उन्होंने ग्रामीण अर्थव्यवस्था में खादी और ग्रामोद्योग के योगदान को भी रेखांकित किया, जहां पहली बार कारोबार ₹1.70 लाख करोड़ से अधिक पहुंचा है। जलमार्गों के क्षेत्र में भी उल्लेखनीय प्रगति का जिक्र करते हुए उन्होंने बताया कि 2014 के पहले सालाना केवल 18 मिलियन टन माल जलमार्ग से ढोया जाता था, जो अब 145 मिलियन टन से भी अधिक हो गया है।
‘WAVES 2025: युवाओं के लिए वैश्विक मंच’
प्रधानमंत्री ने बताया कि मुंबई जल्द ही ‘वर्ल्ड ऑडियो विजुअल एंड एंटरटेनमेंट समिट’ (WAVES 2025) की मेजबानी करेगा, जहां मीडिया, गेमिंग और एंटरटेनमेंट सेक्टर के युवा इनोवेटर्स को पहली बार एक वैश्विक मंच मिलेगा।
उन्होंने कहा कि इस समिट के माध्यम से युवा एआई, एक्सआर और इमर्सिव मीडिया जैसी नई तकनीकों से रूबरू होंगे। साथ ही स्टार्टअप्स को निवेशकों और उद्योग के दिग्गजों से जुड़ने का मौका मिलेगा।
‘महिला सशक्तिकरण देश की नई ताकत’
श्री मोदी ने कहा कि भारत की बेटियां आज नौकरशाही से लेकर अंतरिक्ष और विज्ञान के क्षेत्र तक नए आयाम स्थापित कर रही हैं। उन्होंने हालिया यूपीएससी परिणामों का हवाला देते हुए कहा कि शीर्ष दो स्थानों पर महिलाओं ने कब्जा जमाया है और शीर्ष पांच में से तीन स्थान महिलाओं ने हासिल किए हैं।
प्रधानमंत्री ने ग्रामीण महिलाओं के लिए सरकार की विभिन्न पहलों जैसे स्वयं सहायता समूह (SHGs), बीमा सखी, बैंक सखी और कृषि सखी का उल्लेख किया, जो महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण में अहम भूमिका निभा रही हैं। उन्होंने बताया कि आज देश में 90 लाख से अधिक स्वयं सहायता समूह सक्रिय हैं, जिनमें 10 करोड़ से अधिक महिलाएं जुड़ी हुई हैं।
‘कर्तव्य को सर्वोपरि मानें’
प्रधानमंत्री ने नियुक्त हुए युवाओं से कहा कि उनके पद केवल व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं हैं, बल्कि सेवा और राष्ट्रनिर्माण का माध्यम हैं। उन्होंने ‘नागरिक देवो भवः’ मंत्र को याद दिलाते हुए कहा कि नागरिकों की सेवा करना ईश्वर सेवा के समान है।
श्री मोदी ने ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत हर किसी से अपनी मां के सम्मान में एक पेड़ लगाने और अधिक से अधिक लोगों को इससे जोड़ने की अपील की। उन्होंने आने वाले अंतरराष्ट्रीय योग दिवस का भी जिक्र किया और युवाओं से स्वस्थ जीवनशैली अपनाने का आग्रह किया।
प्रधानमंत्री ने कहा कि ‘मिशन कर्मयोगी’ के ज़रिए युवा अपनी क्षमताओं को निखार सकते हैं और देश की प्रगति में अपना योगदान दे सकते हैं। उन्होंने 140 करोड़ भारतीयों के सपनों को साकार करने के लिए युवाओं से ईमानदारी और समर्पण के साथ कार्य करने का आह्वान किया।
पृष्ठभूमि
प्रधानमंत्री के रोजगार सृजन को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के संकल्प के तहत देशभर के 47 स्थानों पर ‘रोजगार मेला’ का आयोजन किया गया है। इन मेलों के माध्यम से विभिन्न केंद्रीय मंत्रालयों और विभागों, जैसे कि राजस्व विभाग, कार्मिक और पेंशन मंत्रालय, गृह मंत्रालय, डाक विभाग, उच्च शिक्षा विभाग, रेल मंत्रालय और श्रम एवं रोजगार मंत्रालय में नई नियुक्तियों को औपचारिक रूप से जोड़ा जा रहा है।

