अमरनाथ यात्रा को मौसम की खराबी के चलते तय समय से पहले ही रोक दिया गया है। यह यात्रा 9 अगस्त तक चलनी थी, लेकिन कश्मीर में हो रही भारी बारिश और रास्तों को हुए नुकसान के कारण इसे 3 अगस्त को ही स्थगित कर दिया गया।
कश्मीर के डिविजनल कमिश्नर विजय कुमार बिधूड़ी ने जानकारी दी कि बालटाल और पहलगाम दोनों ही रूटों पर भूस्खलन और जलभराव से रास्ते बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए हैं। इन मार्गों पर मरम्मत के लिए मशीनें और कर्मी लगातार तैनात हैं, ऐसे में यात्रा को दोबारा शुरू करना संभव नहीं है।
एक महीने में 4.10 लाख श्रद्धालुओं ने किए दर्शन
इस साल अमरनाथ यात्रा 3 जुलाई को शुरू हुई थी और इसके पहले ही महीने में करीब 4.10 लाख श्रद्धालु बाबा बर्फानी के दर्शन कर चुके हैं। बीते साल यानी 2024 में यह संख्या 5.10 लाख से अधिक थी।
यात्रा के लिए सुरक्षा के सख्त इंतजाम किए गए थे। लगभग 50,000 CRPF जवानों को यात्रा मार्गों पर तैनात किया गया था। इसके बावजूद, खराब मौसम और रास्तों के क्षतिग्रस्त हो जाने के कारण प्रशासन को यात्रा रोकने का फैसला लेना पड़ा।
सुरक्षा हादसे में 36 श्रद्धालु हुए थे घायल
5 जुलाई को रामबन जिले के चंदरकोट लंगर के पास श्रद्धालुओं को ले जा रही चार बसों की आपस में टक्कर हो गई थी। हादसे में 36 यात्री घायल हो गए थे। हादसा उस समय हुआ जब एक बस के ब्रेक फेल हो गए और वह नियंत्रण खो बैठी, जिससे बाकी बसें भी टकरा गईं।
पिछले वर्षों में अमरनाथ यात्रा की स्थिति
- 2024: 52 दिन चली यात्रा, 5.10 लाख श्रद्धालु शामिल हुए।
- 2023: 62 दिनों की यात्रा में 4.5 लाख श्रद्धालु पहुंचे।
- 2022: कोविड के असर के कारण यात्रा 43 दिनों तक चली, 3 लाख श्रद्धालु शामिल हुए।
- 2020-21: कोरोना महामारी के चलते यात्रा स्थगित रही।
- 2012: अब तक का सबसे बड़ा आंकड़ा, 6.35 लाख श्रद्धालुओं ने दर्शन किए।
अधिकारियों के मुताबिक, अगर मौसम में सुधार होता है और रास्तों की मरम्मत पूरी हो जाती है, तो भविष्य में यात्रा के फिर से शुरू होने की संभावना पर विचार किया जा सकता है, हालांकि इस साल ऐसा संभव नहीं दिख रहा।

