अमित शाह का विपक्ष पर हमला,कहा – ‘जेल से सरकार चलाने की तैयारी में हैं कुछ नेता’

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केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बुधवार को न्यूज एजेंसी एएनआई को दिए इंटरव्यू में हाल ही में संसद में पेश किए गए तीनों विधेयकों और विपक्ष के विरोध पर तीखी प्रतिक्रिया दी।

शाह ने 130वें संविधान संशोधन विधेयक पर विपक्ष के रुख को निशाना बनाते हुए कहा, “ये लोग आज भी कोशिश कर रहे हैं कि अगर कभी जेल गए तो वहीं से सरकार बनाएंगे। जेल को ही सीएम हाउस और पीएम हाउस बना देंगे। क्या डीजीपी, मुख्य सचिव, कैबिनेट सचिव या गृह सचिव जेल से आदेश लेंगे?”

उन्होंने कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर भी हमला बोला। शाह ने कहा, “लालू यादव को बचाने के लिए मनमोहन सिंह सरकार द्वारा लाए गए अध्यादेश को राहुल गांधी ने फाड़ दिया था। अगर उस दिन नैतिकता थी तो क्या आज नहीं है, जब आप लगातार तीन चुनाव हार चुके हैं?”

धनखड़ के इस्तीफे और संसद सुरक्षा पर प्रतिक्रिया
पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ के इस्तीफे पर शाह ने कहा कि उन्होंने स्वास्थ्य कारणों से पद छोड़ा है और अपने कार्यकाल में संवैधानिक मूल्यों का पालन किया। संसद में CISF तैनाती पर उन्होंने विपक्ष की आलोचना करते हुए कहा, “ये बदलाव उस घटना के बाद हुआ जब कुछ वामपंथी लोगों ने संसद में स्प्रे किया था। विपक्ष बहाने ढूंढ रहा है और जनता को गुमराह कर रहा है। तीन चुनाव हारने के बाद इनकी विवेकशीलता खत्म हो गई है।”

उपराष्ट्रपति पद के उम्मीदवार पर हमला
INDIA गठबंधन द्वारा उपराष्ट्रपति पद के उम्मीदवार सुदर्शन रेड्डी पर निशाना साधते हुए शाह ने कहा, “उन्होंने सलवा जुडूम को खारिज किया और आदिवासियों के आत्मरक्षा के अधिकार को खत्म किया। इसी कारण नक्सलवाद दशकों तक चला। उन्हें उम्मीदवार बनाना वामपंथी सोच का नतीजा है।”

‘जेल से शासन संभव नहीं’
अमित शाह ने स्पष्ट किया कि कोई भी निर्वाचित पदाधिकारी जेल में रहते हुए शासन नहीं चला सकता। “अगर प्रधानमंत्री या मुख्यमंत्री जेल जाते हैं, तो क्या जेल से सरकार चलाएंगे? जो दल सत्ता में है, उसका कोई अन्य व्यक्ति शासन संभालेगा। अपील में निर्दोष साबित होने पर वे दोबारा पद संभाल सकते हैं,” उन्होंने कहा।

शाह ने कहा कि यह प्रावधान कांग्रेस सरकार के समय से लागू है कि अगर किसी सांसद या विधायक को दो साल से ज्यादा सजा मिलती है तो उसकी सदस्यता स्वतः समाप्त हो जाएगी।