अमित शाह का राहुल गांधी पर निशाना, बोले- ‘SIR की आड़ में घुसपैठियों को बचाने की कोशिश कर रही है कांग्रेस’

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नई दिल्ली, 13 अक्टूबर। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर कांग्रेस और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पर निशाना साधा है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस SIR का विरोध करके घुसपैठियों को बचाने की कोशिश कर रही है। शाह ने गुजरात के स्थानीय निकाय चुनावों में भाजपा की जीत का हवाला देते हुए कांग्रेस से चुनावी हार के कारणों पर आत्ममंथन करने को कहा।

मंगलवार को मीडिया से बातचीत में शाह ने कहा कि राहुल गांधी और विपक्षी दलों को 2029 के लोकसभा चुनावों में भी हार का सामना करने के लिए तैयार रहना चाहिए। उन्होंने दावा किया कि आगामी आम चुनाव में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) भारी बहुमत से जीत हासिल करेगा और कांग्रेस को लगातार चौथी हार मिलेगी।

शाह की यह टिप्पणी ऐसे समय आई है, जब विपक्षी दल SIR की प्रक्रिया को लेकर चुनाव आयोग पर सवाल उठा रहे हैं। विपक्ष ने मतदाता सूची के पुनरीक्षण में कथित अनियमितताओं को लेकर विरोध प्रदर्शन भी किए हैं।

गुजरात निकाय चुनावों में भाजपा की जीत का हवाला

अमित शाह ने गुजरात के तीन शहरी स्थानीय निकायों के चुनाव नतीजों का जिक्र करते हुए कहा कि भाजपा ने कुल 104 सीटों में से 90 पर जीत हासिल की है। गांधीनगर नगर निगम में पार्टी को 44 में से 38 सीटें मिलीं, जबकि कांग्रेस ने पांच सीटें जीतीं और एक सीट निर्दलीय उम्मीदवार के खाते में गई। आम आदमी पार्टी (AAP) को कोई सीट नहीं मिली।

शाह ने दावा किया कि गांधीनगर नगर निगम में भाजपा का वोट प्रतिशत पिछले चुनाव के मुकाबले 10 प्रतिशत बढ़ा है। उन्होंने कहा कि ये नतीजे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में गुजरात के मतदाताओं के भरोसे को दिखाते हैं।

उन्होंने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि पार्टी 1985 के बाद से गुजरात में कोई चुनाव नहीं जीत सकी है। शाह ने राहुल गांधी से सवाल किया कि क्या इन नतीजों को भी SIR से जोड़कर देखा जाएगा।

गृह मंत्री ने यह भी कहा कि आम आदमी पार्टी ने सभी 32 सीटों पर चुनाव लड़ा, लेकिन उसके उम्मीदवारों की सभी सीटों पर जमानत जब्त हो गई।

‘बैलेट पेपर से चुनाव हुए, फिर मशीनों पर सवाल क्यों?’

शाह ने चुनावी नतीजों में इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों (EVM) की भूमिका पर उठाए जाने वाले सवालों का जवाब देते हुए कहा कि गुजरात के इन स्थानीय निकाय चुनावों में बैलेट पेपर का इस्तेमाल हुआ था। उनके मुताबिक, ऐसे में भाजपा की जीत को मशीनों से जोड़ने का तर्क सही नहीं है।

उन्होंने कांग्रेस की चुनावी स्थिति का जिक्र करते हुए कहा कि पार्टी को गुजरात समेत कई राज्यों में लंबे समय से हार का सामना करना पड़ रहा है। शाह ने राहुल गांधी से पूछा कि क्या इन राज्यों के चुनावी नतीजों को भी SIR का परिणाम बताया जाएगा।

राजस्थान और त्रिपुरा के चुनावों का भी जिक्र

अमित शाह ने राजस्थान के स्थानीय निकाय चुनावों में भाजपा के प्रदर्शन का हवाला देते हुए दावा किया कि पार्टी ने 90 प्रतिशत नगर निगमों, 66 प्रतिशत नगर परिषदों और 65 प्रतिशत नगरपालिकाओं में जीत हासिल की है।

उन्होंने यह भी दावा किया कि राजस्थान में आम आदमी पार्टी के 85 प्रतिशत से अधिक वार्डों में उम्मीदवारों की जमानत जब्त हुई है।

त्रिपुरा के ग्राम समिति चुनावों का जिक्र करते हुए शाह ने कहा कि NDA को कुल 4,600 सीटों में से लगभग 4,000 सीटें मिलीं और उसका कुल वोट शेयर 77.5 प्रतिशत रहा। उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस केवल 14 सीटें जीत सकी।

शाह ने पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु और पुडुचेरी के हालिया उपचुनावों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस इन चुनावों में कोई सीट नहीं जीत सकी। पश्चिम बंगाल में भाजपा उम्मीदवारों की जीत का जिक्र करते हुए उन्होंने विपक्षी दलों की चुनावी रणनीति पर सवाल उठाए।

‘जनता कांग्रेस की राजनीति को समझ चुकी है’

राहुल गांधी पर हमला जारी रखते हुए शाह ने कहा कि केवल मीडिया कार्यक्रम आयोजित करने या विपक्षी दलों के कार्यकर्ताओं को एकजुट करने से किसी नेता को देश की आवाज नहीं बनाया जा सकता। उन्होंने कांग्रेस नेतृत्व से गांवों, खेतों, दूरदराज के इलाकों और उन क्षेत्रों में लोगों से जुड़ने की अपील की, जहां पार्टी की पहुंच कमजोर है।

शाह ने कहा कि देश के लोग प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, भाजपा और NDA के साथ हैं। उन्होंने त्रिपुरा, राजस्थान, गुजरात, पश्चिम बंगाल और असम के मतदाताओं का आभार जताते हुए कहा कि चुनावी नतीजों ने भाजपा और NDA के प्रति समर्थन दिखाया है।

दूसरी ओर, विपक्षी दल SIR की प्रक्रिया को लेकर चुनाव आयोग की भूमिका पर सवाल उठा रहे हैं। उनका आरोप है कि मतदाता सूची के पुनरीक्षण में अनियमितताओं की आशंका है। इस मुद्दे पर सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच राजनीतिक टकराव जारी है।

फिलहाल, SIR को लेकर विवाद और हालिया चुनावी नतीजों पर भाजपा-कांग्रेस के बीच बयानबाजी तेज है। अमित शाह ने जहां भाजपा की जीत को जनता के समर्थन का संकेत बताया, वहीं विपक्षी दल मतदाता सूची के पुनरीक्षण की प्रक्रिया पर सवाल उठा रहे हैं।