कपास आयात शुल्क पर अरविंद केजरीवाल का हमला,केंद्र बोला- टेक्सटाइल इंडस्ट्री की ज़रूरत

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आम आदमी पार्टी (AAP) के नेशनल कन्वीनर और पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने केंद्र सरकार पर आरोप लगाया है कि उसने अमेरिका से आयातित कपास पर 11% इम्पोर्ट ड्यूटी हटाकर भारतीय किसानों के साथ “धोखा” किया है।

गुरुवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में केजरीवाल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अमेरिकी उत्पादों पर टैक्स फ्री व्यवस्था लागू कर रहे हैं, जबकि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने भारतीय सामान पर 50% टैरिफ लगा रखा है। उन्होंने दावा किया कि यह निर्णय भारतीय किसानों को आत्महत्या के लिए मजबूर कर सकता है।

केजरीवाल के आरोप

पीएम मोदी ने “पीठ पीछे, चोरी-चोरी” किसानों के खिलाफ फैसला लिया है।

अमेरिकी कपास भारतीय बाजार में 15-20 रुपये किलो सस्ती पड़ेगी।

अक्टूबर में जब भारतीय किसान अपनी फसल मंडी में लाएंगे तो खरीदार नहीं मिलेंगे।

यह फैसला अडाणी को बचाने के लिए लिया गया है, जिन पर अमेरिका में केस चल रहा है।

7 सितंबर को गुजरात के सुरेंद्रनगर में किसान सभा आयोजित की जाएगी।

केजरीवाल ने अन्य देशों की नीतियों का हवाला देते हुए कहा कि जब अमेरिका ने यूरोप, चीन और कनाडा पर टैरिफ बढ़ाए, तो उन देशों ने भी कड़ा जवाब दिया। “ट्रम्प कायर और बुजदिल हैं, लेकिन पीएम मोदी उनके सामने भीगी बिल्ली बने हुए हैं।”

केंद्र सरकार का स्पष्टीकरण

केंद्र ने आरोपों को खारिज करते हुए प्रेस रिलीज में कहा कि कपास पर इम्पोर्ट ड्यूटी से छूट देना घरेलू टेक्सटाइल इंडस्ट्री की मांग पूरी करने के लिए अस्थायी कदम है।

वित्त मंत्रालय के अनुसार, यह छूट पहले 19 अगस्त से 30 सितंबर तक दी गई थी, लेकिन अब इसे 31 दिसंबर तक बढ़ा दिया गया है ताकि निर्यातकों को समर्थन मिल सके और उद्योग को पर्याप्त कच्चा माल उपलब्ध रहे।