भारत की ब्रिक्स अध्यक्षता 2026 के अंतर्गत आज जयपुर, राजस्थान में 10वीं ब्रिक्स उद्योग मंत्रियों की बैठक सफलतापूर्वक संपन्न हुई। इस बैठक में ब्रिक्स सदस्य देशों के उद्योग मंत्रियों और वरिष्ठ प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया, जिसने न्यू इंडस्ट्रियल रिवॉल्यूशन पर ब्रिक्स साझेदारी (PartNIR) के तहत मंत्री-स्तरीय संवाद को एक नया आयाम दिया।
“सुदृढ़शीलता, नवाचार, सहयोग और सतत विकास के लिए निर्माण” थीम के तहत आयोजित इस बैठक ने सदस्य देशों को औद्योगिक क्षमताओं को मजबूत करने, तकनीकी बदलावों को अपनाने और सहयोगात्मक प्रयासों के लिए नए अवसर पैदा करने पर गहन मंथन का एक साझा मंच प्रदान किया।
बैठक को संबोधित करते हुए, केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री (सीआईएम)पीयूष गोयल ने जयपुर में प्रतिनिधियों का स्वागत किया और इसे एक ऐसे शहर के रूप में वर्णित किया जो सदियों की शिल्प कला को आधुनिक औद्योगिक अर्थव्यवस्था की आकांक्षाओं के साथ सहजता से जोड़ता है।
केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री ने जोर देकर कहा कि तेजी से बदलते परिवेश में, आकांक्षाओं को व्यावहारिक नवाचार और सहयोग में बदलना बेहद जरूरी है। उन्होंने इस बात पर बल दिया कि ब्रिक्स देशों को मजबूत और आत्मनिर्भर उद्योग खड़े करने के लिए अपनी एक-दूसरे की पूरक क्षमताओं का लाभ उठाना चाहिए। साथ ही, उन्होंने रेखांकित किया कि नई औद्योगिक क्रांति के लिए ब्रिक्स साझेदारी (PartNIR) इस सहयोग का मुख्य माध्यम बन चुकी है।
केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग राज्य मंत्री जितिन प्रसाद ने ब्रिक्स सदस्य देशों के बीच मजबूत औद्योगिक साझेदारी को बढ़ावा देने के प्रति भारत की प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने एक मजबूत, सतत और समावेशी औद्योगिक भविष्य के निर्माण में सहयोग, नवाचार और आपसी विश्वास की भूमिका को रेखांकित किया।
केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री ने उल्लेख किया कि ब्रिक्स की यात्रा 2009 में येकातेरिनबर्ग, रूस में आयोजित पहले शिखर सम्मेलन के साथ शुरू हुई थी। उन्होंने 2025 में अध्यक्षता के दौरान ब्राजील के नेतृत्व की सराहना की और दोहराया कि भारत एक निरंतर, सक्रिय और व्यावहारिक दृष्टिकोण के माध्यम से इस विरासत को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि भारत की अध्यक्षता निरंतरता बनाए रखने के साथ-साथ व्यवसायों, निवेशकों और नवोन्मेषकों के बीच विश्वास बढ़ाने तथा ऐसे व्यावहारिक सहयोग को आगे बढ़ाने का प्रयास करती है जो सभी ब्रिक्स सदस्यों के लिए ठोस परिणाम दे सके।
केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री ने भारत की ब्रिक्स अध्यक्षता के दौरान PartNIR के तहत हासिल की गई महत्वपूर्ण प्रगति से अवगत कराया। उन्होंने भारत द्वारा तय किए गए चार प्राथमिकता वाले क्षेत्रों में एडवाइजरी ग्रुप और वर्किंग ग्रुप्स द्वारा की गई व्यापक चर्चाओं के परिणामों को भी रेखांकित किया, जिसका उद्देश्य ब्रिक्स सदस्य देशों के बीच औद्योगिक सहयोग को गहरा करने के लिए स्थायी संस्थागत तंत्र स्थापित करना है। इनमें एसएमई वर्किंग ग्रुप में सहयोग के लिए फ्रेमवर्क को अंतिम रूप देना, फोटोवोल्टिक उद्योग पर वर्किंग ग्रुप के लिए ‘टर्म्स ऑफ रेफरेंस’ और एक्शन प्लान को अपनाना और स्टार्टअप्स द्वारा इनोवेशन-आधारित विकास के लिए एक्शन प्लान को अंतिम रूप देना शामिल था। इसके अलावा, मजबूत उद्योग-संबंधी ट्रांसपोर्ट और लॉजिस्टिक्स सिस्टम के महत्व पर भी जोर दिया गया, जिसमें जीआईएस-आधारित इंफ्रास्ट्रक्चर प्लानिंग और सिटी लॉजिस्टिक्स प्लानिंग शामिल हैं।
बैठक का एक मुख्य परिणाम ’10वीं ब्रिक्स उद्योग मंत्रियों की बैठक के संयुक्त घोषणापत्र’ को स्वीकार करना रहा। यह घोषणापत्र केवल संवाद तक सीमित न रहकर सहयोग के व्यावहारिक उपायों को लागू करने की सदस्य देशों की सामूहिक प्रतिबद्धता को दर्शाता है, जो उद्योगों को मजबूत बनाने और लोगों के जीवन में सुधार लाने पर केंद्रित है।
बैठक के दौरान, ब्रिक्स सदस्य देशों के उद्योग मंत्रियों और प्रतिनिधिमंडलों के प्रमुखों ने औद्योगिक विकास को बढ़ावा देने की दिशा में अपनी राष्ट्रीय प्राथमिकताओं, प्रमुख नीतिगत पहलों और उपलब्धियों को साझा किया। इन बयानों ने औद्योगिक क्षमताओं को मजबूत करने, डिजिटल व तकनीकी बदलाव में तेजी लाने, सतत एवं समावेशी औद्योगिक परिवेश बनाने और साझा विकास चुनौतियों से निपटने के लिए सहयोग बढ़ाने की सामूहिक प्रतिबद्धता को रेखांकित किया। सदस्य देशों ने ब्रिक्स सदस्यों के बीच व्यावहारिक सहयोग, ज्ञान साझा करने, क्षमता विकास और औद्योगिक नवाचार को आगे बढ़ाने के लिए PartNIR को एक मुख्य मंच के रूप में दोहराया। इसके साथ ही, प्रतिनिधिमंडलों ने भारत की 2026 की अध्यक्षता में हुई प्रगति का स्वागत किया और माना कि PartNIR के तहत शुरू की गई पहलें संस्थागत सहयोग को मजबूत करने, नवाचार को बढ़ावा देने और ब्रिक्स देशों में भविष्य के अनुकूल तथा प्रतिस्पर्धी उद्योगों के विकास में मदद करेंगी।
भारत अपनी ब्रिक्स अध्यक्षता के तहत, 3 और 4 अगस्त 2026 को नई दिल्ली में आयोजित आर्थिक और व्यापारिक मुद्दों पर ब्रिक्स संपर्क समूह (सीजीईटीआई) की तीसरी बैठक के बाद, 7 अगस्त 2026 को जयपुर, राजस्थान में 16वीं ब्रिक्स व्यापार मंत्रियों की बैठक (टीएमएम) का आयोजन कर रहा है। इस मंत्री-स्तरीय बैठक की अध्यक्षता केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल करेंगे, जिसमें केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग राज्य मंत्री जितिन प्रसाद और वाणिज्य सचिव राजेश अग्रवाल भाग लेंगे। यह बैठक अंतर्राष्ट्रीय व्यापार और आर्थिक सहयोग से जुड़े प्रमुख मुद्दों पर चर्चा के लिए ब्रिक्स सदस्य देशों के व्यापार मंत्रियों और वरिष्ठ अधिकारियों को एक मंच पर लाएगी।
सुदृढ़शीलता, नवाचार, सहयोग और सतत विकास के लिए निर्माण” के मुख्य विषय के तहत, ब्रिक्स सदस्य देशों के बीच आर्थिक सहयोग को आगे बढ़ाने पर ध्यान केंद्रित किया गया। आर्थिक और व्यापारिक मुद्दों पर तीसरे तीसरे कॉन्टैक्ट ग्रुप (सीजीईटीआई) के तहत हुई चर्चाएं बहुपक्षीय व्यापार प्रणाली को मजबूत करने, अंतर्राष्ट्रीय व्यापार में एमएसएमई की भागीदारी बढ़ाने, मजबूत व विविध ग्लोबल वैल्यू चेन को बढ़ावा देने और क्रॉस-बॉर्डर डिजिटल सेवाओं को सुगम बनाने पर केंद्रित रहीं।
व्यापार मंत्री-स्तरीय चर्चाओं के दौरान, आमंत्रित मंत्री और उनके प्रतिनिधिमंडल जयपुर के सिटी पैलेस और हवा महल का सांस्कृतिक भ्रमण करेंगे, जो भारत की समृद्ध विरासत और परंपराओं को प्रदर्शित करता है। वहीं, तकनीकी सत्र मंत्रियों को ब्रिक्स सदस्य देशों के बीच व्यापारिक और आर्थिक सहयोग को मजबूत करने पर अपने विचार साझा करने का अवसर प्रदान करेंगे।
ब्रिक्स व्यापार मंत्रियों की बैठक भारत की ब्रिक्स अध्यक्षता के तहत एक महत्वपूर्ण पड़ाव है, जो डब्ल्यूटीओ (विश्व व्यापार संगठन) को केंद्र में रखते हुए एक खुली, समावेशी, पारदर्शी, न्यायसंगत और नियम-आधारित बहुपक्षीय व्यापार प्रणाली को बढ़ावा देने की भारत की प्रतिबद्धता को दोहराती है। यह चर्चाएं मजबूत सप्लाई चेन, नवाचार-संचालित विकास, अंतर्राष्ट्रीय व्यापार में एमएसएमई की मजबूत भागीदारी और उभरती अर्थव्यवस्थाओं के बीच गहरे आर्थिक सहयोग को बढ़ावा देकर भारत के ‘विकसित भारत@2047’ के दृष्टिकोण में योगदान देने में सहायक होंगी।

