गुजरात के वडोदरा जिले में बुधवार सुबह महिसागर नदी पर बना 45 साल पुराना पुल अचानक टूट गया, जिससे बड़ा हादसा हो गया। हादसे के समय पुल से गुजर रही पांच गाड़ियां—दो ट्रक, दो कार और एक रिक्शा—नदी में गिर गईं। एक टैंकर पुल के टूटे किनारे पर अटक गया।
हादसे में अब तक 9 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि 8 लोगों को स्थानीय लोगों और बचाव दल की मदद से सुरक्षित बाहर निकाला गया है। बचाव कार्य में SDRF और फायर ब्रिगेड की तीन टीमें जुटी हुई हैं।
हादसे के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शोक जताया है और प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष (PMNRF) से मृतकों के परिजनों को ₹2 लाख और घायलों को ₹50,000 की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है।
पुल की हालत पर पहले से जताई गई थी चिंता
स्थानीय लोगों ने प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि 45 साल पुराने इस पुल की मरम्मत की मांग पहले भी कई बार की गई थी, लेकिन प्रशासन ने इसे अनदेखा किया। हादसे के लिए वे सीधे तौर पर सरकारी उदासीनता को जिम्मेदार ठहरा रहे हैं।
चश्मदीदों ने सुनाई आपबीती
घायलों में शामिल राजूभाई अठिया ने बताया कि वे अपने दोस्त के साथ बाइक से यात्रा कर रहे थे जब पुल टूट गया और वे सीधे नदी में जा गिरे। वह किसी तरह बच निकले, लेकिन उनके दोस्त का अब तक पता नहीं चल पाया है।
एक अन्य युवक, महेशभाई परमार ने बताया कि उनकी बाइक पुल से पहले ही पंक्चर हो गई थी, जिससे उनकी जान बच गई। वहीं चश्मदीद संजय चावड़ा ने बताया कि वे पुल पर तीन-चार गाड़ियों के पीछे थे और समय रहते ब्रेक लगाने से हादसे से बच गए।
स्थानीय निवासी अतुल पढियार ने बताया कि वे और उनके साथी तुरंत घटनास्थल पहुंचे और नदी में डूब रही एक महिला को बचाया। उन्होंने बताया कि स्थानीय लोगों की मदद से सात-आठ लोगों को बाहर निकाला गया।
यातायात पर प्रभाव
पुल टूटने से मध्य गुजरात से सौराष्ट्र को जोड़ने वाला यह महत्वपूर्ण मार्ग पूरी तरह बंद हो गया है। अब यात्रियों को अहमदाबाद होते हुए लंबा रास्ता तय करना पड़ेगा, जिससे भरूच, सूरत, नवसारी, तापी और वलसाड जैसे शहरों से संपर्क में दिक्कतें होंगी।
प्रशासन की ओर से हादसे के कारणों की जांच की जा रही है। स्थानीय लोगों की मदद और प्रशासन के संयुक्त प्रयास से रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है।

