तमिलनाडु में चुनाव प्रचार के आखिरी दिन कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के एक बयान को लेकर विवाद खड़ा हो गया। एक चुनावी सभा को संबोधित करते हुए उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तीखा हमला बोला और उन्हें लेकर विवादित टिप्पणी की, जिस पर बाद में उन्होंने सफाई दी।
खड़गे ने अपने संबोधन में विपक्ष की एकजुटता का जिक्र करते हुए परिसीमन से जुड़े विधेयक का विरोध करने पर समर्थन जताया। उन्होंने AIADMK पर भाजपा के साथ गठबंधन को लेकर सवाल उठाए और कहा कि यह राज्य के नेताओं की विचारधारा के विपरीत है।
हालांकि, उनके बयान के बाद विवाद बढ़ने पर खड़गे ने स्पष्ट किया कि उनका आशय प्रधानमंत्री को “डराने वाली राजनीति” करने वाला बताना था, न कि किसी और अर्थ में। उन्होंने कहा कि उनका मतलब था कि केंद्र सरकार विभिन्न एजेंसियों के जरिए विपक्षी दलों पर दबाव बनाती है।
खड़गे ने भाजपा पर महिला विरोधी होने का आरोप भी लगाया और कहा कि 2023 में पारित महिला आरक्षण कानून को लेकर केंद्र सरकार भ्रम फैला रही है। उन्होंने दावा किया कि यदि सरकार चाहती तो मौजूदा लोकसभा सीटों के भीतर ही महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण दिया जा सकता है।
चुनाव से पहले अपने अंतिम संबोधन में खड़गे ने मतदाताओं से DMK–कांग्रेस गठबंधन के पक्ष में मतदान करने की अपील की। उन्होंने कहा कि यह गठबंधन राज्य के अधिकारों, पहचान और विकास के लिए काम करेगा, जबकि भाजपा और उसके सहयोगी दलों पर राज्य के हितों की अनदेखी का आरोप लगाया।तमिलनाडु में विधानसभा चुनाव 23 अप्रैल को होने हैं, जबकि मतगणना 4 मई को होगी।

