रिपोर्ट:हर्षित नागदा
नई दिल्ली, 7 अगस्त: वैश्विक कच्चे तेल बाजार में एक बार फिर तेजी देखने को मिली है। Strait of Hormuz को लेकर बढ़ती अनिश्चितता और ईरान की संसद की एक समिति के नए प्रस्ताव की खबर के बाद तेल की कीमतों में उछाल आया है। बाजार को आशंका है कि इस अहम समुद्री मार्ग से तेल की आपूर्ति जल्द सामान्य नहीं हो पाएगी।
Strait of Hormuz फारस की खाड़ी और ओमान की खाड़ी को जोड़ने वाला दुनिया का सबसे महत्वपूर्ण ऊर्जा समुद्री मार्ग माना जाता है। मध्य-पूर्व से बड़ी मात्रा में कच्चा तेल और प्राकृतिक गैस इसी रास्ते से दुनिया के विभिन्न देशों तक पहुंचती है। ऐसे में यहां किसी भी तरह की बाधा का असर वैश्विक ऊर्जा बाजार पर पड़ता है।
हाल के दिनों में अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत के बाद उम्मीद जताई जा रही थी कि इस मार्ग से वाणिज्यिक जहाजों की आवाजाही धीरे-धीरे सामान्य हो जाएगी। इसी उम्मीद के चलते सप्ताह की शुरुआत में तेल की कीमतों में गिरावट भी दर्ज की गई थी। हालांकि, गुरुवार को ईरान की संसद की एक समिति द्वारा अमेरिकी और इजरायली जहाजों के Strait of Hormuz से गुजरने पर प्रतिबंध से जुड़े प्रस्ताव की समीक्षा की खबर सामने आने के बाद बाजार का रुख बदल गया।
रिपोर्टों के अनुसार, सोमवार से गुरुवार के बीच Strait of Hormuz से गुजरने वाले जहाजों की संख्या घटकर 33 रह गई। इससे निवेशकों की चिंता बढ़ गई है कि समुद्री मार्ग को लेकर बातचीत जारी रहने के बावजूद सामान्य वाणिज्यिक गतिविधियां बहाल होने में समय लग सकता है।
विशेषज्ञों का कहना है कि तेल बाजार केवल मौजूदा आपूर्ति ही नहीं, बल्कि भविष्य में आपूर्ति बाधित होने की आशंका पर भी तेजी से प्रतिक्रिया देता है। यही वजह है कि Hormuz से जुड़ी किसी भी नई सुरक्षा चुनौती या प्रतिबंध की खबर का असर अंतरराष्ट्रीय तेल कीमतों पर तुरंत दिखाई देता है।
यदि वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की ऊंची कीमतें लंबे समय तक बनी रहती हैं, तो भारत जैसे आयात पर निर्भर देशों की लागत बढ़ सकती है। इसका असर आगे चलकर पेट्रोल-डीजल, परिवहन और अन्य वस्तुओं की कीमतों पर भी पड़ सकता है, हालांकि घरेलू ईंधन कीमतें कई अन्य आर्थिक और नीतिगत कारकों पर भी निर्भर करती हैं।
फिलहाल वैश्विक बाजार की नजर अमेरिका-ईरान वार्ता और Strait of Hormuz में जहाजों की आवाजाही पर बनी हुई है। आने वाले दिनों में इन घटनाक्रमों के आधार पर कच्चे तेल की कीमतों की दिशा तय होने की संभावना है।

