कोटा/सिमलिया, 26 अक्टूबर —
ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर के सिमलिया क्षेत्र के दौरे के दौरान एक अनोखी घटना सामने आई। गांव चार में स्कूली छात्राओं ने मंत्री के समक्ष अवैध शराब की दुकान की शिकायत करते हुए कहा कि दुकान के कारण उन्हें स्कूल जाने में डर लगता है। छात्राओं की बात सुनते ही मंत्री नागर ने मौके पर ही एसएचओ को बुलाकर अवैध दुकान हटाने के निर्देश दिए।
छात्राओं जाह्नवी कुमावत, सीमा कुमावत, पंखुड़ी राठौर, ऋषिका मीणा समेत अन्य ने शिकायत की थी कि असामाजिक तत्वों के कारण गांव का माहौल खराब हो रहा है। मंत्री नागर ने तुरंत संज्ञान लेते हुए कहा कि बच्चों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और दोषी पाए जाने पर ठेकेदार का लाइसेंस निलंबित किया जाएगा।
दिवाली पर जनसंवाद और ‘स्वदेशी’ का संदेश
ऊर्जा मंत्री नागर ने सिमलिया क्षेत्र के विभिन्न गांवों में जन चौपालें लगाकर जनता से संवाद किया और दिवाली की शुभकामनाएँ दीं। उन्होंने दुकानदारों से स्वदेशी उत्पादों के उपयोग की अपील की।
मंत्री ने कहा, “दीपावली सनातन संस्कृति का पर्व है, जो एकता और सद्भाव का प्रतीक है। श्रीराम मंदिर का निर्माण इस आस्था का सबसे बड़ा उदाहरण है।”
इस मौके पर स्थानीय प्रतिनिधि और पार्टी पदाधिकारी उपस्थित रहे।
एक्सप्रेसवे अंडरपास पर अधिकारियों को लगाई फटकार
दौरे के दौरान मंत्री नागर दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे के कराड़िया-भांडाहेड़ा मार्ग पर पहुंचने पर उस समय भड़क उठे जब उन्होंने देखा कि अंडरपास की ऊंचाई बढ़ाने के लिए अनधिकृत खुदाई की जा रही थी।
मंत्री ने कहा कि यह काम किसानों के हितों के खिलाफ है और गलत डिज़ाइन के कारण परियोजना में खामियां आ रही हैं। उन्होंने अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाते हुए कहा कि ऐसे कार्यों से किसानों को नुकसान उठाना पड़ेगा और जवाबदेही तय की जाएगी।
तीनों घटनाओं में मंत्री नागर ने स्पष्ट संदेश दिया — “जनता की सुरक्षा, सुविधा और हित से समझौता नहीं होगा।”

