राजस्थान में कौशल,जनजातीय विकास और सड़क ढांचे पर जोर,सरकार ने गिनाईं उपलब्धियां और आगामी लक्ष्य

Jaipur Rajasthan

राजस्थान की भजनलाल सरकार ने कौशल विकास, जनजातीय कल्याण और बुनियादी ढांचे के क्षेत्र में अपनी उपलब्धियों और भविष्य की योजनाओं को सामने रखा है। सरकार का कहना है कि इन पहलों का उद्देश्य राज्य में रोजगार, कनेक्टिविटी और समावेशी विकास को बढ़ावा देना है।

युवाओं के लिए ‘स्किल इंडिया इंटरनेशनल सेंटर’ (SIIC) की स्थापना को एक महत्वपूर्ण कदम बताया गया है, जिसके जरिए अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुसार प्रशिक्षण, विदेशी भाषा शिक्षा और प्रमाणन की सुविधा दी जाएगी। इससे हेल्थकेयर, कंस्ट्रक्शन, हॉस्पिटलिटी और मैन्युफैक्चरिंग जैसे क्षेत्रों में विदेशों में रोजगार के अवसर बढ़ने की उम्मीद जताई गई है।

इसके अलावा जयपुर में प्रस्तावित ‘अटल बिहारी वाजपेयी वर्ल्ड क्लास स्किलिंग सेंटर’ को भविष्य की जरूरतों के अनुरूप कौशल विकास का केंद्र बताया गया है, जहां आधुनिक तकनीक और उद्योग आधारित प्रशिक्षण दिया जाएगा।

जनजातीय क्षेत्रों के लिए सरकार ने ‘विशेष वनाधिकार अभियान’ के तहत व्यक्तिगत और सामुदायिक अधिकार पत्र जारी करने की प्रक्रिया तेज करने की बात कही है। वहीं, सिरोही जिले में जनजातीय बालिका छात्रावास के संचालन को भी शिक्षा के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण पहल माना गया है।

सार्वजनिक निर्माण विभाग (PWD) के आंकड़ों के अनुसार, वित्तीय वर्ष 2025-26 में राज्य ने सड़क अवसंरचना पर करीब 11,823 करोड़ रुपये खर्च किए, जो कुल बजट का लगभग 95 प्रतिशत है। इस दौरान हजारों किलोमीटर सड़कों का निर्माण, चौड़ीकरण और उन्नयन किया गया, साथ ही सैकड़ों गांवों को मुख्य सड़कों से जोड़ा गया।

सरकार ने बताया कि ‘अटल प्रगति पथ’ जैसी परियोजनाओं के तहत बड़ी संख्या में कार्य पूरे किए गए हैं, जबकि रेलवे ओवरब्रिज, अंडरब्रिज और उच्च स्तरीय पुलों का भी निर्माण हुआ है। एक्सप्रेसवे परियोजनाओं पर भी काम जारी है और भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है।

आगामी वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए सरकार ने 15,000 करोड़ रुपये से अधिक के बजट का लक्ष्य तय किया है। इसमें नई सड़कों का निर्माण, ग्रामीण कनेक्टिविटी का विस्तार और एक्सप्रेसवे परियोजनाओं को आगे बढ़ाने की योजना शामिल है।

सरकार का कहना है कि “मजबूत सड़कें, खुशहाल राजस्थान” के संकल्प के साथ राज्य को बेहतर कनेक्टिविटी और आर्थिक विकास की दिशा में आगे बढ़ाया जा रहा है।