जोधपुर में गहलोत का पलटवार,बोले–”भजनलाल भजन करने वाले हैं,अनुभव की कमी है”

Jodhpur Rajasthan

राजस्थान की राजनीति में इन दिनों बयानबाज़ी का दौर चरम पर है। इमरजेंसी को लेकर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के तीखे बयान का जवाब पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने शुक्रवार को जोधपुर सर्किट हाउस में प्रेस वार्ता के दौरान दिया।

गहलोत ने मुख्यमंत्री को अनुभवहीन बताते हुए कहा, “भजनलाल जी भजन करने वाले हैं, उन्हें ज्यादा जानकारी नहीं है। हम भी इमरजेंसी में जेल गए थे। फर्क इतना है कि इंदिरा गांधी के दोबारा सत्ता में आने के बाद जब गिरफ्तारियां हुईं, तब हम भी गिरफ्तार हुए।”

गहलोत ने आगे कहा कि भजनलाल शर्मा पहली बार विधायक बने हैं और सीधे मुख्यमंत्री की कुर्सी पर पहुंचे हैं, ऐसे में उन्हें कई मामलों की जानकारी नहीं है। “उनकी बातों को माइंड नहीं करना चाहिए,” उन्होंने जोड़ा।

इमरजेंसी पर गहलोत की सफाई

गहलोत ने कहा कि कांग्रेस इमरजेंसी को लेकर पहले ही खेद जता चुकी है। “जब इंदिरा गांधी दोबारा प्रधानमंत्री बनी थीं, तब पार्टी ने इस गलती को स्वीकार किया था। इसलिए यह अध्याय अब समाप्त हो चुका है।”

दरअसल, मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने गुरुवार को जोधपुर में कहा था कि “गहलोत साहब कहते हैं इमरजेंसी को भुला देना चाहिए, लेकिन जिनके परिजन जेल गए, वे कैसे भूलें?” शर्मा ने इमरजेंसी को लोकतंत्र पर धब्बा बताते हुए कहा था कि युवाओं का भविष्य बर्बाद हुआ, बेटियों की शादियां टूट गईं और कई लोग अपने परिजनों के अंतिम संस्कार में भी शामिल नहीं हो सके।

गहलोत का लगातार हमला

गहलोत इन दिनों जोधपुर दौरे पर हैं और प्रतिदिन सरकार पर निशाना साध रहे हैं। बुधवार को उन्होंने दावा किया था कि खुद मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के खिलाफ उनके ही पार्टी के लोग षड्यंत्र कर रहे हैं। गुरुवार को उन्होंने कहा था कि “मुख्यमंत्री को अपनी प्रशासनिक शक्ति का इस्तेमाल कर बिगड़ती व्यवस्थाओं को सुधारना चाहिए।”

भाजपा नेताओं की प्रतिक्रिया

गहलोत के आरोपों पर भाजपा नेताओं ने पलटवार किया है। प्रदेश अध्यक्ष सीपी जोशी, केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत, मंत्री जोगाराम पटेल और राज्यवर्धन सिंह राठौड़ ने गहलोत के बयानों को खारिज कर दिया। भाजपा नेता मदन राठौड़ ने कहा कि “गहलोत को षड्यंत्र इसलिए याद आते हैं क्योंकि वे खुद इस दौर से गुजर चुके हैं। भाजपा में ऐसी कोई संस्कृति नहीं है।”

राजस्थान की राजनीति में ये जुबानी जंग फिलहाल थमती नहीं दिख रही है।