गौवंश संरक्षण पर गहलोत के आंकड़ों को भ्रामक बताया: भजनलाल सरकार ने दो साल में 3,432 करोड़ रुपये जारी कर अनुदान दरें बढ़ाईं

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जयपुर, 10 नवम्बर। गृह राज्य मंत्री जवाहर सिंह बेढम ने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के कार्यकाल में गौवंश संरक्षण और संवर्धन की दिशा में कोई भी उल्लेखनीय कार्य नहीं हुआ। जबकि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में हमारी सरकार ने गौवंश संरक्षण की दिशा में तुलनात्मक रूप से नए कीर्तिमान स्थापित किए हैं।

गृह मंत्री ने कहा कि गहलोत आंकड़ों का भ्रम का मायाजाल बुनते है। उनके इस मायाजाल का तोड़ भजनलाल सरकार की अभूतपूर्व उपलब्धियां हैं, जिन्हें वे ना देखना चाहते हैं, ना सुनना। उनको पता होना चाहिए कि भजनलाल सरकार ने लगभग दो साल के कार्यकाल में ही पूर्ववर्ती सरकार की तुलना में गौ-संरक्षण और संवर्धन के लिए अभूतपूर्व कार्य किए हैं।

बेढम ने कहा कि गहलोत सरकार के पांच साल के कार्यकाल में निधि सहायता योजना के अंतर्गत 3 हजार 117 करोड़ की राशि दी गई थी। जबकि हमने मात्र 20 महीने में ही लगभग 3 हजार 432 करोड़ रुपये दे दिए हैं। इसके साथ ही, पंचायत समिति स्तरीय नंदीशाला जनसहभागिता योजना में गहलोत सरकार ने अपने पूरे कार्यकाल में मात्र 26.84 करोड़ रुपये दिए थे। वहीं, हमने लगभग दो साल में ही 39 करोड़ रुपये से अधिक की राशि दी है।

उन्होंने कहा कि ग्राम पंचायत पशु आश्रय स्थल जनसहभागिता योजना में गहलोत सरकार ने एक रुपया भी नहीं दिया था, जबकि हम 6.80 करोड़ रुपये दे चुके हैं। भजनलाल सरकार ने अनुदान दरों में वृद्धि करते हुए बड़े गौवंश के लिए 50 रुपये और छोटे गौवंश के लिए 25 रुपये प्रतिदिन स्वीकृत की है। वहीं, पूर्ववर्ती सरकार के समय यह दर बड़े गौवंश के लिए 40 रुपये और छोटे गौवंश के लिए 20 रुपये प्रतिदिन ही थी।