जयपुर, 23 जून, 2026। राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने उत्तर प्रदेश के लखनऊ में एक कोचिंग सेंटर में हुए भीषण अग्निकांड में 15 निर्दोष छात्रों की दर्दनाक मृत्यु पर गहरा शोक व्यक्त किया है। इस हादसे के मद्देनजर उन्होंने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा को एक अत्यंत गंभीर पत्र लिखा है। गहलोत ने ध्यानाकर्षण करते हुए कहा है कि जयपुर के गोपालपुरा बाईपास पर प्रतिदिन एक लाख से अधिक छात्र-छात्राएं बेहद असुरक्षित भवनों में पढ़ने जा रहे हैं, जिससे यहाँ भी कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है।
पूर्व मुख्यमंत्री ने पत्र में वर्तमान सरकार द्वारा प्रतापनगर स्थित अत्याधुनिक कोचिंग हब को IIT जोधपुर के एक्सटेंशन कैंपस को सौंपने के निर्णय को छात्रों के हितों के विरुद्ध और संस्थान संचालकों के साथ विश्वासघात बताया है। उन्होंने इस फैसले को तत्काल वापस लेकर सभी कोचिंग संस्थानों को वहां अनिवार्य रूप से शिफ्ट करने और राज्य स्तरीय ‘कोचिंग सेंटर सुरक्षा नीति’ बनाने की मांग की है।
मुख्यमंत्री को लिखा गया पत्र शब्दशः निम्न प्रकार है:
प्रिय श्री भजनलाल जी,
22 जून 2026 को लखनऊ के अलीगंज स्थित एक कोचिंग सेंटर में भीषण आग लगने से 15 निर्दोष छात्रों की मृत्यु का समाचार अत्यंत पीड़ादायक है। यह कोई पहली घटना नहीं है। जुलाई 2024 में दिल्ली के राजेंद्र नगर स्थित एक कोचिंग सेंटर के बेसमेंट में बाढ़ का पानी भर जाने से 3 छात्रों की जान गई थी। दिसंबर 2024 में हमारे अपने जयपुर के गोपालपुरा बाईपास स्थित उत्कर्ष कोचिंग सेंटर में गैस रिसाव से 24 छात्र बेहोश हो गए थे। ये तीनों हादसे एक ही सच्चाई की ओर इशारा करते हैं- असुरक्षित भवनों में संचालित हो रहे कोचिंग सेंटर और शासन की घोर उदासीनता।
जयपुर के गोपालपुरा बाईपास पर आज भी प्रतिदिन एक लाख से अधिक छात्र-छात्राएं ऐसे कोचिंग सेंटरों में पढ़ने जाते हैं जहाँ अग्निशमन के पर्याप्त इंतजाम नहीं हैं, भवन विनियमों का पालन नहीं होता, वेंटिलेशन की व्यवस्था अपर्याप्त है और आपातकालीन निकास तक का ध्यान नहीं रखा जाता। ऐसे में किसी बड़े हादसे की आशंका हमेशा बनी रहती है।
इस समस्या का स्थायी समाधान पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार ने पहले ही कर दिया था। हमारी सरकार ने लगभग 500 करोड़ रुपये की लागत से प्रतापनगर में एक अत्याधुनिक कोचिंग हब का निर्माण कराया था। यह महज एक भवन नहीं, छात्रों की सुरक्षा और सुविधा को ध्यान में रखकर बनाया गया एक सुनियोजित परिसर था। इसमें 240 कोचिंग संस्थानों के संचालन की व्यवस्था थी। अत्याधुनिक अग्निशमन प्रणाली, पर्याप्त वेंटिलेशन, लाइब्रेरी, जिम, योगा सेंटर, फूड कोर्ट और हजारों वाहनों की पार्किंग की सुविधा से सुसज्जित इस परिसर में लगभग 140 कोचिंग संस्थान संचालकों ने अमानत राशि जमा कर बुकिंग भी करा ली थी।
परंतु आपकी सरकार ने इस प्रोजेक्ट को पूरी तरह ठंडे बस्ते में डाल दिया। कोचिंग संस्थानों को वहाँ शिफ्ट करने का कोई प्रयास नहीं किया गया, जिसके चलते अधिकांश संस्थान संचालकों ने अपनी जमा राशि वापस ले ली। और अब तो आपकी सरकार ने छात्रों की सुरक्षा के लिए बने इस परिसर को IIT जोधपुर के एक्सटेंशन कैंपस को सौंपने का निर्णय कर लिया है। यह निर्णय न केवल जयपुर के लाखों कोचिंग छात्रों के हितों के विरुद्ध है, बल्कि उन संस्थान संचालकों के साथ भी विश्वासघात है जिन्होंने राशि जमा कर अपनी प्रतिबद्धता दिखाई थी।
मैं यह भी स्मरण कराना चाहूँगा कि गोपालपुरा बाईपास आपके विधानसभा क्षेत्र सांगानेर के अंतर्गत आता है। यदि वहाँ कभी कोई बड़ा हादसा हो गया, जो वर्तमान परिस्थितियों में असंभव नहीं है, तो इसकी नैतिक और राजनीतिक जिम्मेदारी सीधे आप पर होगी।
इस पृष्ठभूमि में मैं आपसे निम्नलिखित माँगें करता हूँ:
• प्रतापनगर के कोचिंग हब को IIT जोधपुर को सौंपने का निर्णय तत्काल वापस लिया जाए और इसे उसके मूल उद्देश्य यानी कोचिंग संस्थानों के सुरक्षित संचालन के लिए उपयोग में लाया जाए।
• गोपालपुरा बाईपास सहित जयपुर के सभी कोचिंग सेंटरों का अग्निशमन सुरक्षा और भवन विनियमों के अनुपालन के दृष्टिकोण से तत्काल निरीक्षण कराया जाए और अनियमित संस्थानों पर कार्रवाई की जाए।
• कोचिंग संस्थान संचालकों को कोचिंग हब में अनिवार्य तौर पर शिफ्ट होने के लिए एक ठोस नीति बनाई जाए और इसके लिए समयबद्ध कार्यक्रम तय किया जाए।
• लखनऊ और दिल्ली जैसे हादसों की पुनरावृत्ति से राजस्थान के छात्रों को बचाने के लिए राज्य स्तरीय कोचिंग सेंटर सुरक्षा नीति बनाई जाए।
• यदि ऐसा लगता है कि IITको नए परिसर की आवश्यकता है तो उसके लिए एक नई इमारत बनाई जाए परन्तु कोचिंग हब में कोचिंग संस्थानों को ही शिफ्ट किया जाए।
लखनऊ अग्निकांड में जिन 15 परिवारों ने अपने होनहार बच्चे खोए हैं, उनका दर्द असहनीय है। इन बच्चों का बलिदान व्यर्थ न जाए। इसके लिए सरकार को अपनी जिम्मेदारी निभानी होगी। मुझे आशा है कि आप इस विषय को गंभीरता से लेंगे और अविंलब कार्रवाई करेंगे।
भवदीय,
अशोक गहलोत
पूर्व मुख्यमंत्री, राजस्थान

