भाखड़ा नहर का पानी रोकने पर हरियाणा और पंजाब आमने-सामने,सुप्रीम कोर्ट जाने की तैयारी में हरियाणा सरकार

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हरियाणा और पंजाब के बीच पानी को लेकर तनाव बढ़ता जा रहा है। भाखड़ा नहर से हरियाणा को मिलने वाले पानी की सप्लाई प्रभावित होने के बाद हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सैनी ने शनिवार को चंडीगढ़ स्थित हरियाणा निवास में सर्वदलीय बैठक बुलाई। इसके बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में सैनी ने आरोप लगाया कि पंजाब सरकार ने ‘असंवैधानिक तरीके से’ हरियाणा का पानी रोका है।

हरियाणा के CM का आरोप – “दिल्ली की हार का बदला पंजाब पानी से ले रहा”

मुख्यमंत्री सैनी ने कहा कि पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान दिल्ली में आम आदमी पार्टी की चुनावी हार से बौखलाए हुए हैं और अब इसका बदला पानी के जरिए लिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि हरियाणा के 7 जिलों में पीने के पानी की भारी कमी है और 156 जलघर पूरी तरह सूखे पड़े हैं। “हम चुप नहीं बैठेंगे, पंजाब को हरियाणा को उसका हिस्सा देना ही पड़ेगा।”

CM मान की दो टूक – “पंजाब से एक बूंद पानी नहीं देंगे”

वहीं, जालंधर में पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा, “पानी के लिए पंजाब में कत्ल होते हैं। इसलिए पंजाब से एक बूंद भी किसी को नहीं दी जाएगी।”
पंजाब सरकार ने भाखड़ा ब्यास मैनेजमेंट बोर्ड (BBMB) की बैठक को ‘गैरकानूनी’ बताते हुए उसका बहिष्कार किया है। पंजाब का कहना है कि बैठक की सूचना 7 दिन पहले देनी होती है, जो BBMB ने नहीं दी।

हरियाणा के CM की 5 बड़ी बातें:

  1. “पानी बहकर पाकिस्तान चला जाता है”
    सैनी ने कहा कि जल स्तर इस वक्त अच्छा है, लेकिन फिर भी हरियाणा को उसका हक नहीं मिल रहा। उन्होंने कहा कि 2015, 2016 और 2019 में पानी की अधिकता के चलते डैम से पानी फेंकना पड़ा था, जो पाकिस्तान पहुंच गया।
  2. “CM मान ने भरोसा दिया, फिर पलट गए”
    उन्होंने बताया कि 26 अप्रैल को उन्होंने भगवंत मान से बात की थी और BBMB के फैसले को लागू कराने की मांग की थी, जिस पर मान ने आश्वासन दिया था। लेकिन बाद में उन्होंने वीडियो जारी कर जनता को “गुमराह” किया।
  3. “पंजाब कर रहा है पानी का ओवरयूज”
    सैनी ने दावा किया कि पंजाब हर साल अपने हिस्से से ज्यादा पानी ले रहा है जबकि हरियाणा को 3.5 MAF में से केवल 1.62 MAF पानी ही मिल पा रहा है।
  4. “7 जिलों में जल संकट, 156 जलघर सूखे”
    हरियाणा के सिरसा, हिसार, फतेहाबाद, कुरुक्षेत्र, जींद, भिवानी और कैथल जिलों में पानी की भारी कमी है। कई गांवों में टैंकर से पानी भेजा जा रहा है।
  5. “भगवंत मान टकराव की राह पर”
    सैनी ने आरोप लगाया कि मान सरकार केंद्र और सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों की अनदेखी कर रही है। उन्होंने SYL नहर मामले का हवाला देते हुए कहा कि पंजाब सहयोग की जगह टकराव का रास्ता अपना रहा है।

हिमाचल का भी दावा – “पानी हमारी ज़मीन से, लड़ाई पंजाब-हरियाणा में”

हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सुक्खू ने कहा कि जिस पानी को लेकर विवाद है, वह हिमाचल से आता है लेकिन उसका लाभ पंजाब और हरियाणा को मिल रहा है। उन्होंने कहा, “हमने जब इस पानी पर आय का हिस्सा मांगा, तो दोनों राज्यों ने विरोध किया। जबकि ज़मीन हमारी गई है।”

पानी विवाद की कानूनी लड़ाई शुरू

हरियाणा के वकील रविंद्र सिंह ढुल ने पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट में याचिका दायर कर भाखड़ा डैम से पंजाब पुलिस हटाने की मांग की है। उधर, हरियाणा सरकार भी सुप्रीम कोर्ट जाने की तैयारी कर रही है और याचिका का ड्राफ्ट दिल्ली में तैयार किया जा रहा है।

दिल्ली और राजस्थान को भी हो सकता है असर

हरियाणा सरकार से जुड़े सूत्रों का कहना है कि राज्य के 9 जिलों में पानी की स्थिति गंभीर होती जा रही है। यदि हालात नहीं सुधरे, तो हरियाणा से दिल्ली और राजस्थान को मिलने वाले पानी में कटौती की जा सकती है।

पानी की इस लड़ाई ने एक बार फिर न केवल दो राज्यों के संबंधों में तल्खी ला दी है, बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर जल प्रबंधन की कमजोरियों को भी उजागर किया है।