राजस्थान में गेहूं खरीद को लेकर उच्चस्तरीय बैठक, अधिकतम प्रोक्योरमेंट के निर्देश: लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला

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नई दिल्ली: लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने संसद भवन स्थित अपने कार्यालय में केंद्रीय खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्री प्रल्हाद जोशी के साथ राजस्थान में गेहूं की अधिकतम खरीद (प्रोक्योरमेंट) सुनिश्चित करने को लेकर एक महत्वपूर्ण बैठक की।

बैठक में राजस्थान सरकार के खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री सुमित गोदारा तथा सहकारिता मंत्री गौतम दक भी उपस्थित रहे। चर्चा का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना था कि किसानों को उनकी उपज का पूरा लाभ मिले और उन्हें किसी प्रकार की कठिनाई का सामना न करना पड़े।

लोकसभा अध्यक्ष ने कहा कि मौसम की अनिश्चितता और असमय बारिश की संभावना को देखते हुए गेहूं की फसल को नुकसान का खतरा है। ऐसे में खरीद प्रक्रिया को तेज, सरल और व्यापक बनाना आवश्यक है।

उन्होंने भारतीय खाद्य निगम (FCI), राजफेड और तिलहन संघ जैसी एजेंसियों को अधिक से अधिक खरीद केंद्र स्थापित करने के निर्देश दिए। साथ ही, खरीद केंद्रों की संख्या बढ़ाकर प्रक्रिया को तेज करने पर जोर दिया, ताकि किसानों को अपनी उपज बेचने में किसी तरह की परेशानी न हो।

श्री बिरला ने कहा कि खरीद केंद्र यदि किसानों के नजदीक होंगे तो परिवहन लागत कम होगी और समय की भी बचत होगी। उन्होंने इस वर्ष बेहतर और अधिक उत्पादन को देखते हुए खरीद व्यवस्था को उसी अनुरूप मजबूत करने की आवश्यकता बताई।

बैठक में यह भी बताया गया कि राजस्थान सरकार इस वर्ष गेहूं पर ₹150 प्रति क्विंटल बोनस दे रही है, जिससे किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) सहित कुल ₹2735 प्रति क्विंटल का लाभ मिलेगा।

आंकड़ों के अनुसार, पिछले वर्ष राजस्थान में लगभग 21.62 लाख मीट्रिक टन गेहूं की खरीद हुई थी, जबकि इस वर्ष इससे अधिक प्रोक्योरमेंट होने की संभावना है। वहीं, पिछले वर्ष 1.72 लाख किसानों ने पंजीकरण कराया था, जबकि इस वर्ष अब तक 2 लाख से अधिक किसान पंजीकरण कर चुके हैं।

लोकसभा अध्यक्ष ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी व्यवस्थाएं समयबद्ध और पारदर्शी तरीके से सुनिश्चित की जाएं, ताकि किसानों को समय पर उचित मूल्य मिल सके और उन्हें किसी प्रकार की असुविधा न हो।

इस अवसर पर लोकसभा अध्यक्ष के ओएसडी राजीव दत्ता, संयुक्त सचिव गौरव गोयल तथा ओएसडी राजेश गोयल उपस्थित रहे। राजस्थान सरकार की वरिष्ठ अधिकारी मंजू राजपाल और अंबरीश कुमार वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक में शामिल हुए।