नई दिल्ली : केंद्रीय रेल, सूचना एवं प्रसारण तथा इलेक्ट्रॉनिकी एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने लोकसभा में एक लिखित उत्तर में जानकारी दी कि राजस्थान में दौसा सहित कई रेलवे स्टेशनों का विकास अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत तेज गति से किया जा रहा है। इस योजना के तहत राज्य में कुल 85 स्टेशनों की पहचान विकास के लिए की गई है।
मंत्री ने बताया कि दौसा रेलवे स्टेशन पर उच्च सतह वाले प्लेटफॉर्म, प्लेटफॉर्म शेल्टर, प्रतीक्षालय, पेयजल व्यवस्था, शौचालय, बैठने की सुविधा और पैदल पार पुल जैसी बुनियादी सुविधाएं पहले से उपलब्ध हैं।
उन्होंने कहा कि अमृत भारत स्टेशन योजना के अंतर्गत दौसा स्टेशन के विकास कार्य तेजी से आगे बढ़ रहे हैं। स्टेशन भवन, प्लेटफॉर्म शेल्टर, प्रतीक्षालय का सुधार, शौचालय, परिचलन क्षेत्र और 12 मीटर चौड़े पैदल पार पुल का कार्य पूरा किया जा चुका है, जबकि लिफ्ट लगाने का कार्य जारी है।
केंद्रीय मंत्री ने यह भी कहा कि रेल मंत्रालय सभी रेलवे स्टेशनों पर स्वच्छ और सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। आवश्यकता के अनुसार नगरपालिकाओं, स्थानीय जल आपूर्तिकर्ताओं और अन्य स्रोतों की सहायता से जल आपूर्ति सुनिश्चित की जाती है।
उन्होंने बताया कि पेयजल की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए नियमित जांच और समय-समय पर सुधारात्मक कदम उठाए जाते हैं। साथ ही, स्टेशनों पर जल सुविधाओं का नियमित निरीक्षण और रखरखाव किया जाता है तथा शिकायतों का तुरंत समाधान किया जाता है।
रेल नेटवर्क से जुड़े अन्य मुद्दों पर जानकारी देते हुए मंत्री ने कहा कि नागौर और फलोदी रेलवे स्टेशन लालगढ़ के माध्यम से जुड़े हुए हैं। इस क्षेत्र में बेहतर कनेक्टिविटी के लिए फलोदी–नागौर (148 किमी) नई रेल लाइन के लिए अंतिम स्थान निर्धारण सर्वेक्षण को मंजूरी दी गई है और इसका कार्य शुरू हो चुका है।
उन्होंने यह भी बताया कि केसरीसिंहपुर स्टेशन पर वर्तमान में 07 जोड़ी रेल सेवाएं उपलब्ध हैं।

