अलवर। सड़क दुर्घटना के बाद शुरुआती समय में मिलने वाली सही सहायता किसी घायल व्यक्ति के लिए जीवनरक्षक साबित हो सकती है। ऐसे में केवल तमाशबीन बने रहने के बजाय सही जानकारी के साथ आगे बढ़कर मदद करना प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है। इसी उद्देश्य से रविवार सुबह 7:30 बजे कंपनी बाग में सड़क दुर्घटनाओं के दौरान आम नागरिकों की भूमिका एवं प्राथमिक उपचार को लेकर जागरूकता और प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया।
कार्यक्रम के मुख्य वक्ता डॉ. गौरव शर्मा, एमडी मेडिसिन, एसएमएस मेडिकल कॉलेज, जयपुर ने दुर्घटना के समय त्वरित सहायता, सीपीआर (CPR) तकनीक और प्राथमिक उपचार के महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने उपस्थित लोगों को सीपीआर का व्यावहारिक प्रशिक्षण देकर बताया कि आपातकालीन परिस्थितियों में सही तकनीक की जानकारी किस प्रकार मददगार हो सकती है।
प्रशिक्षण में दुर्घटनास्थल को सुरक्षित रखने, तत्काल 112 आपातकालीन नंबर पर सूचना देने, रीढ़ की हड्डी में संभावित चोट की स्थिति में घायल को अनावश्यक रूप से न हिलाने तथा अत्यधिक रक्तस्राव को नियंत्रित करने जैसे महत्वपूर्ण पहलुओं की जानकारी दी गई। प्रतिभागियों को समझाया गया कि दुर्घटना के समय घबराहट और लापरवाही के बजाय सतर्कता, सूझबूझ और समय पर चिकित्सा सहायता बेहद जरूरी है।
कार्यक्रम की अध्यक्षता डॉ. सचिन अग्रवाल ने की। इस अवसर पर डॉ सतीश शर्मा,डॉ संदीप सैनी,डॉ. अनुराधा गोयल, डॉ. राहुल बावलिया,डॉ चेतन शर्मा तथा मेडिकल के छात्र-छात्राओं ने सहभागिता की। कार्यक्रम के माध्यम से आमजन में सड़क दुर्घटनाओं के दौरान जिम्मेदार नागरिक की भूमिका, प्राथमिक उपचार और जीवनरक्षक तकनीकों के प्रति जागरूकता बढ़ाने का संदेश दिया गया।
कार्यक्रम का स्पष्ट संदेश रहा कि सड़क हादसे के समय सही कदम, समय पर सूचना और प्राथमिक उपचार की जानकारी किसी की जिंदगी बचाने में निर्णायक भूमिका निभा सकती है। हर नागरिक को मदद के लिए जागरूक, संवेदनशील और प्रशिक्षित होना चाहिए।

