राजस्थान की राजधानी जयपुर में स्थित प्रसिद्ध खोले के हनुमानजी मंदिर परिसर में वन क्षेत्र में अवैध रूप से संचालित व्यावसायिक गतिविधियों पर वन विभाग ने सख्त कार्रवाई की है। वन विभाग की टीम ने रोपवे क्षेत्र में संचालित रेस्तरां, मसाज सेंटर, फिश स्पा, स्काई साइकिलिंग और अन्य सुविधाओं को रातभर चली कार्रवाई के दौरान बंद करवा दिया और बड़ी मात्रा में सामान जब्त किया।
अवैध गतिविधियों की शिकायत के बाद बनी टीम
वन विभाग के डीसीएफ विजयपाल सिंह ने बताया कि मंदिर परिसर में अन्नपूर्णा माता मंदिर से वैष्णो देवी मंदिर तक रोपवे चलाया जा रहा है। इस रोपवे को संचालित करने वाली कंपनी ने वन क्षेत्र में कई गैर-विधानिक गतिविधियां शुरू कर दी थीं।
इसकी शिकायत मिलने पर सीसीएफ (वन्यजीव) टी. मोहनराज की निगरानी में एसीएफ प्राची चौधरी के नेतृत्व में एक विशेष टीम गठित की गई, जिसने शुक्रवार को मौके पर पहुंचकर कार्रवाई शुरू की।
फर्म के खिलाफ एफआईआर दर्ज
निरीक्षण के दौरान रेस्टोरेंट, बॉडी मसाज सेंटर, फिश स्पा, स्काई साइकिलिंग, जिपलाइन, मसाज चेयर, ह्यूमन गायरो, साइकिल 360 और प्रसाद की दुकानें संचालित पाई गईं। इन सभी गतिविधियों में प्रयुक्त सामान जब्त कर लिया गया है।
वन विभाग ने इन अवैध गतिविधियों को लेकर रॉक इनोवेशन प्राइवेट लिमिटेड के प्रोपराइटर कैलाश खंडेलवाल के खिलाफ विभागीय एफआईआर दर्ज की है। मामले की जांच की जिम्मेदारी क्षेत्रीय वन अधिकारी जयपुर (प्रादेशिक) जितेन्द्र सिंह शेखावत को सौंपी गई है।
टीम में कई अधिकारी रहे मौजूद
कार्रवाई में एसीएफ प्राची चौधरी के साथ रेंजर शुभम शर्मा, फॉरेस्टर रिंकू मीणा, सहायक वनपाल अभिषेक शेखावत, शंकरलाल मीणा और वनरक्षक दिनेश चौधरी मौजूद रहे। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि वन क्षेत्र में किसी भी प्रकार की व्यावसायिक गतिविधियां अवैध हैं और इस पर सख्ती से रोक लगाई जाएगी।
वन विभाग का कहना है कि अब आगे की कानूनी प्रक्रिया के तहत मामले की गहन जांच की जा रही है।

