नई दिल्ली, 12 नवम्बर 2025 — प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में बुधवार को हुई केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में तीन बड़े फैसले लिए गए। इनमें निर्यातकों को राहत देने के लिए क्रेडिट गारंटी स्कीम फॉर एक्सपोर्टर्स (CGSE) की मंजूरी, ग्रीन एनर्जी से जुड़े चार महत्वपूर्ण खनिजों — ग्रेफाइट, सीज़ियम, रुबिडियम और ज़िरकोनियम — की रॉयल्टी दरों के तार्किकीकरण और लाल किले के पास हुए विस्फोट पर शोक प्रस्ताव पारित करना शामिल है।
🔹 ग्रीन एनर्जी के लिए खनिज रॉयल्टी दरों में सुधार
कैबिनेट ने ग्रेफाइट, सीज़ियम, रुबिडियम और ज़िरकोनियम जैसे रणनीतिक और उच्च-तकनीकी खनिजों की रॉयल्टी दरें संशोधित कीं।
नई दरें इस प्रकार हैं —
- सीज़ियम: औसत बिक्री मूल्य (ASP) का 2%
- रुबिडियम: ASP का 2%
- ज़िरकोनियम: ASP का 1%
- ग्रेफाइट:
- 80% या अधिक फिक्स्ड कार्बन पर 2%
- 80% से कम फिक्स्ड कार्बन पर 4%
सरकार का कहना है कि यह निर्णय खनिज ब्लॉकों की नीलामी को बढ़ावा देगा और देश में इन खनिजों का स्वदेशी उत्पादन बढ़ाकर आयात पर निर्भरता घटाएगा। इन खनिजों का उपयोग इलेक्ट्रिक वाहन बैटरी, न्यूक्लियर एनर्जी, एयरोस्पेस, हेल्थकेयर और हाई-टेक उपकरणों में होता है।
🔹 निर्यातकों के लिए 20,000 करोड़ का क्रेडिट गारंटी समर्थन
कैबिनेट ने क्रेडिट गारंटी स्कीम फॉर एक्सपोर्टर्स (CGSE) को मंजूरी दी है, जिसके तहत राष्ट्रीय क्रेडिट गारंटी ट्रस्टी कंपनी लिमिटेड (NCGTC) 100% क्रेडिट गारंटी कवरेज प्रदान करेगी। इस योजना से बैंकों को पात्र निर्यातकों (MSME और नॉन-MSME दोनों) को 20,000 करोड़ रुपये तक का अतिरिक्त ऋण देने में मदद मिलेगी।
वित्त मंत्रालय के तहत इस योजना की निगरानी सचिव (DFS) की अध्यक्षता वाली एक प्रबंधन समिति करेगी।
सरकार का कहना है कि इससे निर्यातकों की तरलता बढ़ेगी, नए बाजारों में प्रवेश आसान होगा, और भारत को 1 ट्रिलियन डॉलर के निर्यात लक्ष्य की दिशा में आगे बढ़ाया जाएगा।
🔹 लाल किले के पास विस्फोट पर कैबिनेट का शोक प्रस्ताव
कैबिनेट ने 10 नवम्बर को दिल्ली के लाल किले के पास कार विस्फोट में जान गंवाने वालों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की। मंत्रिमंडल ने दो मिनट का मौन रखकर श्रद्धांजलि दी और इस हमले को “कायराना व निंदनीय आतंकी कृत्य” बताया।
सरकार ने कहा कि आतंकवाद के प्रति भारत की ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति जारी रहेगी और दोषियों को शीघ्र सज़ा दिलाने के लिए जांच को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाएगी। प्रधानमंत्री ने सुरक्षा एजेंसियों और राहतकर्मियों की त्वरित कार्रवाई की सराहना की।
इन तीनों निर्णयों से कैबिनेट ने स्पष्ट किया है कि केंद्र सरकार एक साथ राष्ट्रीय सुरक्षा, आर्थिक आत्मनिर्भरता और वैश्विक प्रतिस्पर्धा — तीनों मोर्चों पर संतुलित और मजबूत नीति के साथ आगे बढ़ रही है।

