नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और साइप्रस के राष्ट्रपति निकोस क्रिस्टोडौलिड्स के बीच हुई वार्ता में भारत और साइप्रस ने अपने संबंधों को ‘स्ट्रेटेजिक पार्टनरशिप’ तक उन्नत करने की घोषणा की। दोनों देशों ने निवेश, रक्षा, समुद्री सुरक्षा, साइबर सुरक्षा, तकनीक, शिक्षा और आतंकवाद विरोधी सहयोग को मजबूत करने पर सहमति जताई।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि पिछले एक दशक में साइप्रस से भारत में निवेश लगभग दोगुना हुआ है और आने वाले पांच दशकों में इसे फिर दोगुना करने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने कहा कि भारत-यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौते (FTA) से दोनों देशों के लिए नए आर्थिक अवसर खुलेंगे।
बैठक के दौरान दोनों देशों ने कई समझौतों और मोयू का हस्तांतरण-तख्तापलट किया, जिनमें काउंटर-टेररिज्म, समुद्री सुरक्षा, शिक्षा, नवाचार, सांस्कृतिक सहयोग और कूटनीतिक प्रशिक्षण शामिल हैं। भारत और साइप्रस ने संयुक्त रूप से एक ‘काउंटर-टेररिज्म वर्किंग ग्रुप’ बनाने का भी फैसला किया।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत और साइप्रस साइबर सुरक्षा, समुद्री सुरक्षा और आतंकवाद विरोधी नेटवर्क में सहयोग बढ़ाएंगे। उन्होंने यह भी दोहराया कि भारत यूक्रेन और पश्चिम एशिया के संघर्षों के सुखद समाधान के लिए कूटनीतिक आंदोलनों का समर्थन करता रहेगा।
साइप्रस के राष्ट्रपति निकोस क्रिस्टोडुलिड्स ने कहा कि दोनों देशों के रिश्ते “नए दौर” में प्रवेश कर चुके हैं और सुरक्षा, तकनीक, समुद्री सहयोग तथा आर्थिक संपर्क के क्षेत्रों में तेज़ी से आगे बढ़ रहे हैं। उन्होंने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में भारत की स्थायी सदस्यता की आवेदकों का समर्थन भी दोहराया।
दोनों नेताओं ने लोकतंत्र, संप्रभुता और अंतरराष्ट्रीय कानून के प्रति साझा कदमों पर जोर देते हुए वैश्विक ढंग में सुधार की आवश्यकता भी बताई।

