विश्व स्वास्थ्य दिवस:राज्य स्तरीय कार्यक्रम में ‘राज–ममता’ लॉन्च,एसएमएस में अत्याधुनिक डर्मेटोलॉजी संस्थान शुरू,स्वास्थ्य सेवाओं पर मंत्री ने की समीक्षा

Health Jaipur Rajasthan

जयपुर, 7 अप्रेल। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की पहल पर प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं को उन्नत एवं सुगम बनाया जा रहा है। इसी कड़ी में विश्व स्वास्थ्य दिवस के अवसर पर मंगलवार को चिकित्सा मंत्री गजेन्द्र सिंह खींवसर द्वारा सवाई मानसिंह मेडिकल कॉलेज में अत्याधुनिक डर्मेटोलॉजी संस्थान एवं मानसिक स्वास्थ्य के लिए बेहतर चिकित्सा सेवाओं के लिए इस वित्तीय वर्ष की बजट घोषणा के अनुसार राज—ममता कार्यक्रम का शुभारम्भ किया गया। साथ ही, उन्होंने प्रदेश के सभी जिलों के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारियों के साथ स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े विषयों पर संवाद एवं समीक्षा भी की।

चिकित्सा मंत्री ने सवाई मानसिंह मेडिकल कॉलेज के सभागार में राज-ममता (राजस्थान मेंटल अवेयरनेस, मेंटयोरिंग एंड ट्रीटमेंट फॉर ऑल) कार्यक्रम के पोस्टर का विमोचन किया। साथ ही, उन्होंने चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाओं की ऑनलाइन समीक्षा के लिए सेल्फ मॉनिटरिंग एप एवं आउटरीच एप को भी लांच किया।

एसएमएस में बनेगा मानसिक स्वास्थ्य के लिए एक्सीलेंस सेंटर
खींवसर ने कहा कि बढ़ते तनाव के दौर में मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता एवं बेहतर उपचार सेवाओं के लिए राज्य सरकार ने अभिनव पहल करते हुए राज—ममता कार्यक्रम प्रारंभ किया है। इस कार्यक्रम के तहत एसएमएस अस्पताल में मानसिक स्वास्थ्य के लिए एक्सीलेंस सेंटर बनाया जाएगा। जिला स्तर पर मानसिक स्वास्थ्य देखभाल प्रकोष्ठ गठित किए जाएंगे तथा मनोचिकित्सक एवं मनोवैज्ञानिक परामर्शदाता की सेवाएं उपलब्ध करवाई जाएंगी। शिक्षण संस्थानों में तनाव प्रबंधन कार्यशाला एवं मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता अभियान संचालित किए जाएंगे। विद्यालयों में मानसिक परामर्श सत्र आयोजित किए जाएंगे।

निजी अस्पतालों की तुलना में कम लागत में होगा त्वचा रोग इलाज
खींवसर ने कहा कि राज्य सरकार आमजन को सुलभ, किफायती और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए निरंतर प्रयासरत है। उन्होंने कहा कि डर्मेटोलॉजी संस्थान में स्थापित अत्याधुनिक मशीनें, विशेष रूप से एआई (AI) आधारित तकनीक, त्वचा रोगों के निदान और उपचार को अधिक सटीक, प्रभावी और आधुनिक बनाएंगी। उन्होंने कहा कि इस पहल से आमजन को अब निजी अस्पतालों की तुलना में कम लागत पर उच्च स्तरीय उपचार उपलब्ध हो सकेगा। इस प्रकार के संस्थानों की स्थापना से प्रदेश में चिकित्सा सेवाओं का स्तर और अधिक उन्नत होगा।

एक पद पर नहीं रहेंगे दो कार्मिक
विश्व स्वास्थ्य दिवस के अवसर पर आयोजित राज्यस्तरीय कार्यक्रम एवं चिकित्सा स्वास्थ्य सेवाओं की समीक्षा बैठक को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि चिकित्सा विभाग ने राज हैल्थ पोर्टल के माध्यम से आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए चिकित्सकों एवं अन्य स्टाफ को नियुक्ति प्रदान की गयी है। प्रदेशभर में फर्स्ट रेफरल यूनिट्स एवं ट्रोमा सेंटर को फंक्शनल करने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। उऩ्होंने सभी संयुक्त निदेशकों एवं मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारियों को अस्पतालों में ओपीडी-आईपीडी भार के आधार पर चिकित्सकों एवं स्टाफ के रिक्त पदों का असेसमेंट करने के भी निर्देश दिए। साथ ही ग्राम स्तर पर संचालित उप स्वास्थ्य केन्द्रों की स्थिति में असेसमेंट कर आगामी दो दिन में फीडबैक प्रस्तुत करने के भी निर्देश दिए हैं। चिकित्सा मंत्री ने कहा कि अधिशेष पदों पर विशेष ध्यान रखते हुए यह सुनिश्चित किया जाए कि एक पद पर दो चिकित्सक नहीं रहें।

सभी स्वास्थ्य केन्द्रों में लगाए जाएं सीसीटीवी कैमरे
खींवसर ने कहा कि यह सुनिश्चित किया जाए कि स्वास्थ्य केन्द्रों में सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हों। अस्पतालों में स्वच्छता पर विशेष ध्यान रखा जाए। जिन अस्पतालों के भवन जर्जर हालत में हैं, उनकी मरम्मत करवाई जाए। सभी मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारियों को आगामी दिनों में हीट-वेव को ध्यान में रखते हुए समुचित प्रबंध सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि रोगी का समुचित इलाज कर उसके स्वास्थ्य की रक्षा करना जिम्मेदारीपूर्ण दायित्व है। इसी भावना को ध्येय में रखना वास्तविक रूप से विश्व स्वास्थ्य दिवस आयोजन की सार्थकता होगी।

स्वास्थ्य सेवाओं के बेसिक पैरामीटर जरूर पूरे हों
चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की प्रमुख शासन सचिव गायत्री राठौड़ ने कहा कि चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाओं के सुदृढ़ीकरण के लिए लगातार प्रतिबद्धता के साथ कार्य किया जा रहा है। उन्होंने विश्व स्वास्थ्य दिवस के अवसर पर स्वयं से एक वादा करते हुए संकल्पबद्ध होकर बेहतर कार्य करने की सभी से अपील की। उन्होंने सभी मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारियों को कहा वे नियमित रूप से बेसिक पैरामीटर्स की जरूर समीक्षा करें, ताकि किसी भी स्तर पर कोई कमी न रहे। उन्होंने कार्यक्रम में लांच किए गए सेल्फ मॉनिटरिंग सिस्टम को काम में लेते हुए प्रतिदिन समीक्षा करने पर भी जोर दिया।

आपातकालीन तैयारियों के लिए मॉक ड्रिल करें
राठौड़ ने आयुष्मान आरोग्य मंदिर में गैर संक्रामक बीमारियों पर विशेष फोकस करने और जीरियाट्रिक केयर पर भी विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आपातकालीन परिस्थितियों के लिए समय-समय पर मॉक ड्रिल आयोजन भी सुनिश्चित की जाएं। उन्होंने टीबी मुक्त भारत अभियान, अस्पतालों के नए भवनों के लिए भूमि आवंटन कार्य, टीकाकरण कार्यक्रम, ई-उपकरण, बायो मेडिकल वेस्ट प्रबंधन, मानव संसाधन के समुचित प्रबंधन सहित विभिन्न कार्यक्रमों पर विस्तार से समीक्षा कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

प्रमुख शासन सचिव ने कहा कि डर्मेटोलॉजी संस्थान विश्व का दूसरा ऐसा संस्थान है, जहां इस स्तर की उन्नत तकनीक और आधुनिक मशीनों का समावेश किया गया है। उन्होंने बताया कि इस संस्थान में उपलब्ध सुविधाएं न केवल उपचार बल्कि अनुसंधान और प्रशिक्षण के क्षेत्र में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी।

एचपीवी वैक्सीनेशन का लक्ष्य हासिल करें
राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के मिशन निदेशक जोगाराम ने कहा कि चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाओं के बेहतर प्रबंधन के लिए कार्यक्रमों का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जा रहा है। उन्होंने एचपीवी वेक्सीन कार्यक्रम की समीक्षा करते हुए नियमित रूप से स्कूलों में चर्चा कर नजदीकी पीएचसी या अन्य स्वास्थ्य केन्द्र पर लक्ष्य अर्जित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कायाकल्प कार्यक्रम, गुणवत्ता आश्वासन कार्यक्रम पर विचार व्यक्त किए।

दवाओं की आपूर्ति की हो नियमित समीक्षा
निदेशक आरएमएससीएल पुखराज सेन ने कहा कि प्रत्येक रोगी को दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने पर विशेष ध्यान रखा जाए। दवाओं की मांग और आपूर्ति की नियमित समीक्षा करें। आवश्कता होने पर स्थानीय स्तर पर भी दवा क्रय करने का प्रावधान है। यह सुनिश्चित किया जाए कि अस्पताल में आने वाले रोगियों को दवाओं की उपलब्धता रहे। उन्होंने ई-उपकरण कार्यक्रम के तहत उपकरणों का समुचित उपयोग सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए।

हाईरिस्क गांवों में हों टीबी उन्मूलन के लिए कैम्प
निदेशक जन-स्वास्थ्य डॉ. रवि प्रकाश शर्मा ने टीबी मुक्त कार्यक्रम के तहत हाईरिस्क गांवों में कैंप आयोजित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि 100 दिवसीय अभियान में सभी की टीबी के लिए स्क्रीनिंग किया जाना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से ही एमएलसी बनाई जाए।

बैठक में अतिरिक्त मिशन निदेशक एनएचएम डॉ. टी. शुभमंगला, चिकित्सा शिक्षा आयुक्त बाबूलाल गोयल, एसएमएस मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ. दीपक माहेश्वरी,निदेशक आरसीएच डॉ. मधु रतेश्वर, अतिरिक्त निदेशक राजपत्रित डॉ. सुशील परमार सहित अन्य अधिकारीगण मौजूद थे।
——————————