कैबिनेट का बड़ा फैसला:रेलवे की आठ मल्टी-ट्रैकिंग परियोजनाओं को मंजूरी,₹20 हजार करोड़ होंगे खर्च

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नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में बुधवार को हुई केंद्रीय कैबिनेट की बैठक में रेलवे से जुड़ी आठ मल्टी-ट्रैकिंग परियोजनाओं को मंजूरी दी गई है।

सरकार के मुताबिक, इन परियोजनाओं पर करीब ₹20 हजार करोड़ खर्च होंगे। इनके तहत पश्चिम बंगाल, झारखंड, ओडिशा, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश, कर्नाटक और तेलंगाना के 20 जिलों में करीब 1,200 किलोमीटर नई रेल लाइनें जोड़ी जाएंगी।

सरकार का अनुमान है कि इससे करीब 6,900 गांवों की लगभग एक करोड़ आबादी को बेहतर रेल कनेक्टिविटी मिल सकेगी।

हर साल 27 मिलियन टन अतिरिक्त माल ढुलाई की क्षमता

इन परियोजनाओं के पूरा होने के बाद रेलवे की माल ढुलाई क्षमता में हर साल करीब 27 मिलियन टन की बढ़ोतरी होने का अनुमान है।

सरकार के अनुसार, इससे उद्योगों तक कच्चा माल पहुंचाने और तैयार उत्पादों को बाजार तक ले जाने में मदद मिलेगी। इसके साथ ही माल परिवहन की लागत कम करने में भी फायदा हो सकता है।

तेल की खपत और कार्बन उत्सर्जन में कमी का अनुमान

सरकार ने इन परियोजनाओं को ऊर्जा-कुशल और पर्यावरण के लिहाज से महत्वपूर्ण बताया है।

अनुमान के मुताबिक, नई रेल लाइनों से हर साल करीब 12 करोड़ लीटर तेल की बचत हो सकती है। वहीं, करीब 62 करोड़ किलोग्राम कार्बन डाइऑक्साइड उत्सर्जन कम होने का अनुमान है।

सरकार ने कार्बन उत्सर्जन में होने वाली इस कमी को करीब 2.48 करोड़ पेड़ लगाने के बराबर बताया है।

सरकार का कहना है कि इन परियोजनाओं से रेलवे के जरिए माल और यात्रियों की आवाजाही बढ़ाने में मदद मिलेगी। साथ ही, लॉजिस्टिक्स लागत कम करने और देश के जलवायु लक्ष्यों को हासिल करने में भी इनका योगदान हो सकता है।