राजस्थान में एक बार फिर गुर्जर समाज आंदोलन की राह पर नजर आ रहा है। समाज के नेता विजय बैंसला ने दौसा जिले के पीलूपुरा में रविवार को महापंचायत बुलाई है। इससे पहले शनिवार को दौसा के गाजीपुर स्थित देवनारायण मंदिर में समाज की बैठक हुई, जिसमें बैंसला के भी शामिल होने की उम्मीद थी। हालांकि, राज्य के गृह राज्यमंत्री जवाहर सिंह बेढ़म की वहां मौजूदगी की सूचना मिलते ही बैंसला ने बैठक से दूरी बना ली।
बैंसला ने कहा है कि वे सरकार को मांग पत्र सौंपेंगे, लेकिन किसी भी तरह की वार्ता नहीं करेंगे। उनके मुताबिक, अब केवल समाधान चाहिए, बातचीत नहीं।
सरकार की तरफ से मंत्री ने रखी बात
गाजीपुर में समाज के लोगों से संवाद करते हुए मंत्री जवाहर सिंह बेढ़म ने कहा कि जो समझौता हुआ था, वह पिछली कांग्रेस सरकार के समय का था। यदि उसकी पालना नहीं हुई है, तो संघर्ष समिति के प्रतिनिधियों को वर्तमान सरकार से बात करनी चाहिए।
उन्होंने तंज करते हुए कहा, “जैसे आप महापंचायत के लिए पीले चावल बांट रहे हैं, वैसे ही मैं सरकार से वार्ता के लिए आपको पीले चावल दे रहा हूं।”
17 मुकदमे लिए गए वापस
राज्यमंत्री ने यह भी बताया कि भाजपा सरकार के कार्यकाल में अब तक गुर्जर आंदोलन से जुड़े 17 मुकदमे वापस लिए जा चुके हैं। कुछ अन्य मामलों में जिला कलेक्टरों से रिपोर्ट मांगी गई है। उन्होंने कहा कि जब से सरकार बनी है, संघर्ष समिति के किसी भी प्रतिनिधि ने मुख्यमंत्री या उनसे संपर्क नहीं किया है और न ही कोई औपचारिक मांग पत्र सौंपा गया है।
अब देखना यह होगा कि रविवार को पीलूपुरा में होने वाली महापंचायत से क्या नया संकेत निकलता है और सरकार तथा गुर्जर समाज के बीच बातचीत की कोई नई राह बनती है या नहीं।

