राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने मंगलवार को दिल्ली स्थित संसद भवन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की। दोनों के बीच करीब 45 मिनट तक बातचीत चली। यह मुलाकात ऐसे समय पर हुई है जब प्रदेश की राजनीति में मंत्रिमंडल विस्तार और जाट समुदाय के प्रतिनिधित्व को लेकर चर्चा तेज है।
इससे एक दिन पहले ही राज्य की पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने भी प्रधानमंत्री से मुलाकात की थी। इन मुलाकातों को राजस्थान की मौजूदा राजनीतिक स्थिति पर फीडबैक लेने के प्रयास के रूप में देखा जा रहा है।
धनखड़ के इस्तीफे के बाद जाट नेतृत्व को लेकर चर्चाएं
राज्यसभा के उपसभापति जगदीप धनखड़ के इस्तीफे के बाद राजस्थान से किसी बड़े संवैधानिक पद पर कोई जाट चेहरा नहीं है। ऐसे में इन बैठकों को जाट समुदाय को फिर से राजनीतिक संतुलन में लाने की रणनीति से जोड़कर भी देखा जा रहा है। माना जा रहा है कि प्रधानमंत्री ने दोनों नेताओं से इस मुद्दे पर चर्चा की।
मंत्रिमंडल विस्तार में गुटों को साधने की कोशिश
राज्य में संभावित मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर भी राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो गई हैं। भाजपा के भीतर माने जा रहे विभिन्न गुटों, विशेषकर वसुंधरा राजे समर्थक खेमे को सरकार व संगठन में प्रतिनिधित्व देने की संभावनाएं जताई जा रही हैं।
सूत्रों के मुताबिक, वसुंधरा राजे अपने खेमे के नेताओं को सरकार और संगठन में उचित स्थान दिलवाने के लिए शीर्ष नेतृत्व से लगातार संपर्क में हैं। माना जा रहा है कि उन्होंने प्रधानमंत्री के साथ अपनी हालिया मुलाकात में यह मुद्दा भी उठाया।
झालावाड़ हादसे और प्रशासनिक प्रदर्शन पर भी चर्चा
मुलाकात के दौरान पीएम मोदी ने हाल ही में झालावाड़ के पिपलोदी गांव में स्कूल के दर्दनाक हादसे पर भी चर्चा की। यह इलाका वसुंधरा राजे का विधानसभा क्षेत्र है और उनके बेटे दुष्यंत सिंह यहां से सांसद हैं। हादसे के बाद सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हुए थे, जिस पर प्रधानमंत्री ने X (पूर्व ट्विटर) पर शोक जताया था।
सीएम बोले— पीएम मोदी से विकास योजनाओं पर हुई चर्चा
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने मुलाकात के बाद सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए बताया कि प्रधानमंत्री से राज्य के विकास और विभिन्न योजनाओं को लेकर चर्चा हुई। उन्होंने कहा, “हमारी डबल इंजन की सरकार राजस्थान को आदर्श राज्य बनाने की दिशा में लगातार कार्य कर रही है। हर वर्ग को न्याय और सम्मानजनक जीवन देना हमारा लक्ष्य है।”
इन बैठकों के बाद माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में राजस्थान मंत्रिमंडल में फेरबदल की तस्वीर साफ हो सकती है।

