प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को लोकसभा में ‘ऑपरेशन सिंदूर’ पर बोलते हुए पाकिस्तान को कड़ी चेतावनी दी। करीब एक घंटे 40 मिनट के संबोधन में उन्होंने स्पष्ट किया कि इस ऑपरेशन के दौरान भारत को दुनिया भर से समर्थन मिला और किसी भी देश ने कार्रवाई रोकने को नहीं कहा।
प्रधानमंत्री ने नाम लिए बिना अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के उस दावे को भी खारिज किया, जिसमें उन्होंने कहा था कि भारत और पाकिस्तान के बीच संघर्षविराम उन्होंने कराया था। मोदी ने कहा, “पाकिस्तान के DGMO ने भारत से खुद गुहार लगाई कि हमला रोका जाए, क्योंकि वे हमारी कार्रवाई झेल नहीं पा रहे थे।”
ऑपरेशन सिंदूर पर प्रधानमंत्री मोदी की बड़ी बातें:
1. आतंकियों के अड्डे तबाह, एयरबेस ICU में:
मोदी ने दावा किया कि पहली बार भारत ने उन इलाकों में कार्रवाई की, जहां वह पहले कभी नहीं पहुंचा था। उन्होंने कहा, “पाकिस्तान के बहावलपुर और मुरीदके जैसे आतंकी ठिकानों को जमींदोज कर दिया गया। कई पाकिस्तानी एयरबेस आज भी ICU जैसी हालत में हैं।”
2. सिंदूर से सिंधु तक कार्रवाई:
प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत की कार्रवाई का दायरा बहुत बड़ा था और यह पूरे पाकिस्तान में फैला था। “अब आतंकी हमलों की कीमत चुकानी पड़ेगी। पाकिस्तान या उसके आका अब यूं ही नहीं बच सकते।”
3. DGMO की गुहार और लक्ष्य की प्राप्ति:
उन्होंने कहा कि भारतीय सेना ने पहले ही तय कर लिया था कि कार्रवाई सीमित लेकिन निर्णायक होगी। पाकिस्तान के DGMO ने खुद भारत से अनुरोध किया कि हमला रोका जाए।
4. ऑपरेशन सिंदूर अभी जारी है:
प्रधानमंत्री ने कहा, “ऑपरेशन सिंदूर अभी खत्म नहीं हुआ है। भारत की नीति साफ है—अगर पाकिस्तान ने दुस्साहस किया तो करारा जवाब दिया जाएगा।”
5. अभिनंदन की वापसी पर कांग्रेस पर तंज:
मोदी ने कहा कि जब विंग कमांडर अभिनंदन पकड़े गए, तब कुछ लोग whisper कर रहे थे कि अब मोदी फंस गए। “लेकिन अभिनंदन की वापसी डंके की चोट पर हुई,” उन्होंने जोड़ा।
6. सिंधु जल संधि पर कांग्रेस को घेरा:
नेहरू की विदेश नीति पर हमला करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि कांग्रेस ने सिंधु जल समझौते की कभी समीक्षा नहीं की। “अब भारत ने तय कर लिया है कि खून और पानी एक साथ नहीं बह सकते।”
7. PoK पर जवाबी हमला:
मोदी ने विपक्ष पर पलटवार करते हुए पूछा कि “जब आप कहते हैं PoK वापस क्यों नहीं लिया, तो पहले यह बताइए कि पाकिस्तान को कब्जा करने का मौका किसने दिया था?”
अमित शाह बोले—तीन महीने में पहलगाम हमले के दोषियों का अंत
गृह मंत्री अमित शाह ने अपने संबोधन में 28 जुलाई को खत्म किए गए ऑपरेशन महादेव का ज़िक्र किया। उन्होंने बताया कि बायसरन घाटी में 26 पर्यटकों की हत्या करने वाले तीन आतंकियों को सुरक्षाबलों ने मार गिराया।
उन्होंने कहा कि इन आतंकियों की पहचान पाकिस्तान निर्मित चॉकलेट, वोटर आईडी और हथियारों के मिलान से हुई। शाह के मुताबिक, “हमने 3 महीने तक ट्रैक किया, सिग्नल्स कलेक्ट किए और फिर घेराबंदी कर इन्हें ढेर किया।”
इस पूरे घटनाक्रम को सरकार द्वारा पाकिस्तान के खिलाफ जारी सख्त रुख और आतंकवाद पर ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति के संकेत के तौर पर देखा जा रहा है। वहीं विपक्ष इस पर बहस की मांग कर रहा है और इसे लेकर संसद में सियासी गर्मी भी बनी हुई है।

