पीयूष गोयल का GDP आलोचकों पर निशाना,कहा- ‘आंकड़ों को तोड़-मरोड़कर लोगों को गुमराह किया जा रहा है’

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नई दिल्ली, 2 सितंबर 2026। केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने भारत की GDP वृद्धि दर पर सवाल उठाने वालों को निशाने पर लेते हुए कहा है कि देश में आर्थिक वृद्धि को लेकर नकारात्मक बातें करने वाले लोग तथ्यों को तोड़-मरोड़कर पेश कर रहे हैं।

दिल्ली में ऑटोमोटिव कंपोनेंट मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन (ACMA) के 66वें वार्षिक सत्र को संबोधित करते हुए पीयूष गोयल ने कहा कि भारत की अर्थव्यवस्था मजबूती के साथ आगे बढ़ रही है और हाल में सामने आई 7.8 फीसदी की GDP वृद्धि दर इसकी वास्तविकता है।

उन्होंने पूर्व RBI गवर्नर रघुराम राजन का नाम लिए बिना कहा कि संभव है कि GDP की आलोचना करने वालों में ऐसे लोग भी शामिल हों, जो भारत में अपना कार्यकाल पूरा नहीं कर सके। गोयल ने कहा कि ऐसे लोगों को आंकड़ों की तुलना करना भी नहीं आता।

GDP के आंकड़ों पर क्यों छिड़ी बहस?

सरकार की ओर से सोमवार को जारी आंकड़ों के मुताबिक, अप्रैल-जून तिमाही में भारत की GDP वृद्धि दर 7.8 फीसदी रही। एक साल पहले इसी अवधि में यह दर 6.9 फीसदी थी। RBI का अनुमान इस तिमाही के लिए 7 फीसदी का था।

इन आंकड़ों पर पूर्व RBI गवर्नर रघुराम राजन ने सवाल उठाते हुए कहा था कि अगर GDP के आंकड़े सही नहीं हैं, तो इससे पूरी अर्थव्यवस्था को लेकर भी सवाल खड़े होते हैं।

राजन ने यह भी सवाल किया था कि अगर अर्थव्यवस्था इतनी तेजी से बढ़ रही है तो रोजगार और निवेश में उसी अनुपात में बढ़ोतरी क्यों नहीं दिखाई दे रही। उन्होंने उद्योगों के निवेश और भारत में बड़े पैमाने पर FDI आने को लेकर भी सवाल उठाए थे।

पीयूष गोयल ने इन आलोचनाओं के जवाब में कहा कि आंकड़ों को लेकर नकारात्मक नजरिया रखने वालों की बातों से वास्तविकता नहीं बदल सकती। उन्होंने विपक्ष पर भी निशाना साधते हुए कहा कि उसके पास अब टीवी पैनलों पर जाकर तर्क देने के अलावा कोई काम नहीं बचा है।

‘भारत को मृत अर्थव्यवस्था के रूप में देखना चाहते हैं’

गोयल ने कहा कि भारत की आर्थिक प्रगति को लेकर संदेह पैदा करने की कोशिश की जा रही है, लेकिन ‘सच्चाई को छिपाया नहीं जा सकता।’

उन्होंने दावा किया कि भारत पिछले कई वर्षों से दुनिया की बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में सबसे तेज गति से बढ़ रहा है और 7.8 फीसदी की वृद्धि दर इसका प्रमाण है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी GDP के आंकड़े सामने आने के बाद भारत की आर्थिक मजबूती को लेकर प्रतिक्रिया दी थी। वहीं कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने सरकार की आर्थिक नीतियों पर सवाल उठाते हुए बेरोजगारी, महंगाई और असमानता का मुद्दा उठाया था।

‘क्रिटिकल मिनरल्स के लिए अमेरिका समेत कई देशों से बातचीत’

ACMA के कार्यक्रम के दौरान पीयूष गोयल ने भारत की रणनीतिक जरूरतों से जुड़े क्रिटिकल मिनरल्स को लेकर भी जानकारी दी।

उन्होंने कहा कि भारत अमेरिका समेत कई देशों के साथ क्रिटिकल मिनरल्स की प्रोसेसिंग और विकास के लिए सहयोग और साझेदारी पर बातचीत कर रहा है। उनके मुताबिक, भारत ‘Critical Minerals Partnership’ का सदस्य है और ‘Pax Silica’ समूह में भी सक्रिय रूप से भाग ले रहा है।

गोयल ने कहा कि भारत ब्रिटेन और यूरोप के साझेदार देशों के साथ भी ऐसी आपूर्ति श्रृंखला विकसित करने पर बातचीत कर रहा है, जो ज्यादा मजबूत और भरोसेमंद हो।

‘38 विकसित देशों के बाजारों तक पहुंच बढ़ी’

वाणिज्य मंत्री ने भारत के व्यापार समझौतों का जिक्र करते हुए कहा कि पिछले चार-पांच वर्षों में हुए नौ व्यापार समझौतों के जरिए भारतीय कंपनियों के लिए करीब 60 ट्रिलियन डॉलर की संयुक्त GDP वाले बाजारों तक पहुंच बनी है।

उनके मुताबिक, इन समझौतों में 38 विकसित देश शामिल हैं और इनसे भारतीय कारोबारियों को कई क्षेत्रों में कम या शून्य शुल्क के साथ दूसरे देशों के बाजारों में प्रवेश का अवसर मिलेगा।

गोयल ने कहा कि इन समझौतों के जरिए भारतीय कंपनियों को दुनिया की प्रमुख कंपनियों के साथ प्रतिस्पर्धा करने का अवसर मिलेगा।

सरकार का दावा, आर्थिक विकास के साथ निर्यात के अवसर भी बढ़े

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि वैश्विक स्तर पर जारी अस्थिरता के बावजूद भारत आर्थिक विकास की दिशा में आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार का जोर न केवल GDP वृद्धि पर है, बल्कि भारतीय उद्योगों के लिए नए बाजार खोलने, आपूर्ति श्रृंखला मजबूत करने और रणनीतिक क्षेत्रों में आत्मनिर्भरता बढ़ाने पर भी है।

गोयल के मुताबिक, क्रिटिकल मिनरल्स, व्यापार समझौतों और वैश्विक बाजारों तक बढ़ती पहुंच भारत को आने वाले वर्षों में आर्थिक रूप से और मजबूत बनाने में मदद कर सकती है।