प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को तमिलनाडु के तूतीकोरिन से 4,900 करोड़ रुपये से अधिक की विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया। इनमें एयरपोर्ट टर्मिनल, राष्ट्रीय राजमार्ग, पोर्ट टर्मिनल, रेलवे सेक्शन और बिजली परियोजनाएं शामिल हैं।
अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने ‘मेक इन इंडिया’ की सफलता की चर्चा की और कहा कि ऑपरेशन सिंधूर के दौरान स्वदेशी हथियारों की ताकत दुनिया ने देखी। “भारत में बने हथियार आज आतंक के आकाओं की नींद उड़ा रहे हैं,” उन्होंने कहा।
उन्होंने बताया कि विदेश यात्रा से लौटने के तुरंत बाद उन्हें “भगवान राम की इस पावन धरती” पर आने का सौभाग्य मिला। इस यात्रा के दौरान भारत और ब्रिटेन के बीच ऐतिहासिक फ्री ट्रेड एग्रीमेंट पर समझौता हुआ। इसके ज़रिए ब्रिटेन में 99% भारतीय उत्पाद टैक्स-फ्री होंगे, जिससे तमिलनाडु के एमएसएमई और स्टार्टअप को लाभ मिलेगा।
किन-किन परियोजनाओं का उद्घाटन हुआ?
- तूतीकोरिन एयरपोर्ट का नया टर्मिनल: ₹450 करोड़ की लागत से बना 17,340 वर्गमीटर में फैला टर्मिनल एक साथ 1,350 यात्रियों को संभाल सकेगा।
- राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाएं: NH-36 और NH-138 के दो खंडों का विस्तार ₹2,550 करोड़ की लागत से होगा, जिससे डेल्टा जिलों की यात्रा 45 मिनट कम होगी।
- चिदंबरनार पोर्ट पर नया कार्गो टर्मिनल: ₹285 करोड़ की लागत से बने टर्मिनल की सालाना क्षमता 6.96 मिलियन मीट्रिक टन होगी।
- रेलवे परियोजनाएं: मदुरै–बोडिनायकनूर, नागरकोइल–कन्याकुमारी और अन्य सेक्शन में विद्युतीकरण और डबल लाइन ट्रैक का कार्य।
- बिजली परियोजना: ₹550 करोड़ की लागत से इंटर-स्टेट ट्रांसमिशन सिस्टम, जिससे कुदनकुलम परमाणु संयंत्र की बिजली पूरे देश में पहुंचेगी।
चोल सम्राट को श्रद्धांजलि
प्रधानमंत्री 27 जुलाई को गंगईकोंडा चोलपुरम मंदिर पहुंचकर चोल सम्राट राजेंद्र चोल प्रथम की 1000वीं जयंती के अवसर पर आयोजित ‘आदि तिरुवाधिरै उत्सव’ में भाग लेंगे और एक स्मृति सिक्का भी जारी करेंगे।
राजेंद्र चोल को दक्षिण भारत का सबसे शक्तिशाली सम्राट माना जाता है, जिन्होंने दक्षिण एशिया में समुद्री अभियानों के ज़रिए चोल साम्राज्य का विस्तार किया था।
मुख्यमंत्री स्टालिन नहीं हुए शामिल
तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन प्रधानमंत्री के कार्यक्रम में मौजूद नहीं थे। उन्होंने सोशल मीडिया पर बताया कि वे अस्पताल में भर्ती हैं। उनकी जगह राज्य के वित्त मंत्री थंगम थेन्नारसु ने प्रधानमंत्री का स्वागत किया।
भाषा विवाद पर इशारा
PM मोदी ने बिना किसी पार्टी का नाम लिए राज्य में स्थानीय भाषा के इस्तेमाल को बढ़ावा देने की बात दोहराई। उन्होंने कहा कि “तमिल भाषा में मेडिकल की पढ़ाई होनी चाहिए” और आश्चर्य जताया कि “तमिल नेताओं की चिट्ठियों में तमिल में हस्ताक्षर नहीं होते।”
इस बयान को DMK सरकार द्वारा हिंदी के विरोध और नई शिक्षा नीति के खिलाफ खड़े रुख से जोड़कर देखा जा रहा है।
पम्बन ब्रिज का जिक्र
प्रधानमंत्री ने अपने पिछले दौरे का भी उल्लेख किया जब उन्होंने रामेश्वरम में एशिया के पहले वर्टिकल लिफ्ट रेलवे ब्रिज – पम्बन ब्रिज – का उद्घाटन किया था। यह पुल अब मुख्य भूमि को पम्बन द्वीप से जोड़ता है और हाई-स्पीड ट्रेनों के लिए तैयार किया गया है।

