राजद प्रमुख लालू प्रसाद यादव के बड़े बेटे तेजप्रताप यादव ने शनिवार को ऐलान किया कि वे बिहार की महुआ विधानसभा सीट से निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर चुनाव लड़ेंगे। साथ ही उन्होंने अपने नए राजनीतिक मंच ‘टीम तेजप्रताप’ की घोषणा करते हुए कहा कि यह मंच युवाओं को राजनीति में समर्थन देगा।
चाचा नहीं बनेंगे सीएम
तेजप्रताप ने मीडिया से बात करते हुए कहा, “पूरी उम्मीद है कि इस बार चाचा मुख्यमंत्री नहीं बनेंगे। जो शिक्षा, रोजगार और स्वास्थ्य सेवा की बात करेगा, वही सत्ता में आएगा।”
उन्होंने अपने विरोधियों पर तंज कसते हुए कहा, “हमारे चुनावी फैसले से कुछ लोगों को खुजली हो गई है, वो गाल खुजलाते रहेंगे।”
‘टीम तेजप्रताप’ और नई पहचान
तेजप्रताप यादव ने अपना नया फेसबुक पेज लॉन्च किया है, जिसका नाम ‘टीम तेजप्रताप यादव’ रखा गया है। कवर इमेज पर लिखा गया है: “जिसका कायम है प्रताप, वह है आपका अपना तेजप्रताप।”
इस दौरान वे पहली बार पीली टोपी में नजर आए, जिसे उन्होंने अपनी टीम के झंडे के रंगों (पीला और हरा) से जोड़ा।
अनुष्का यादव के साथ रिश्ते पर बोले – “प्यार किया, गलती नहीं”
हाल ही में सोशल मीडिया पर तेजप्रताप और अनुष्का यादव की तस्वीरें वायरल हुई थीं। इस पर उन्होंने कहा, “हां, मैंने पोस्ट किया था। प्रेम किया, कोई गलती नहीं की। प्रेम की कीमत चुकानी पड़ती है। लेकिन जनता के दिल से मुझे कोई नहीं निकाल सकता।”
30 जून को तेजप्रताप बाइक से अनुष्का यादव के घर भी पहुंचे थे, जहां उन्होंने 7 घंटे बिताए। इस मुलाकात पर उन्होंने इसे “पारिवारिक रिश्ता” बताया।
RJD से निष्कासन और परिवार से दूरी
24 मई को फोटो वायरल होने के बाद लालू यादव ने तेजप्रताप को पार्टी और परिवार से छह साल के लिए बाहर कर दिया था।
लालू यादव ने लिखा, “ज्येष्ठ पुत्र का गैर-जिम्मेदार आचरण हमारे पारिवारिक और सामाजिक मूल्यों के खिलाफ है। अतः उसे पार्टी और परिवार से दूर करता हूं।”
तेजप्रताप ने जवाब में X (पूर्व ट्विटर) पर लिखा था, “मेरी भूमिका सुप्रीम कोर्ट और जनता तय करेगी, कोई दल या परिवार नहीं।”
राजनीति में नई राह और चेतावनी
तेजप्रताप ने कहा, “शुरुआत उन्होंने की है, अंत मैं करूंगा। दुश्मन पग-पग पर हैं, घर में भी हो सकते हैं। जनता सब देख रही है और सही वक्त पर जवाब देगी।”
अब सबकी निगाहें इस बात पर हैं कि महुआ सीट से निर्दलीय चुनाव लड़ने वाले तेजप्रताप यादव को जनता कितना समर्थन देती है और ‘टीम तेजप्रताप’ क्या राजनीतिक आकार ले पाती है।

