प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को पश्चिम बंगाल और ओडिशा के दौरे में विकास, कृषि और क्षेत्रीय पहचान को केंद्र में रखकर कई बड़े ऐलान किए। पश्चिम बंगाल के हुगली में उन्होंने PM-KISAN की 23वीं किस्त जारी की, जिसके तहत देशभर के 9.44 करोड़ किसानों के खातों में करीब 18,880 करोड़ रुपये सीधे ट्रांसफर किए गए। बंगाल के 45 लाख से अधिक किसानों को इसमें 907 करोड़ रुपये से ज्यादा की राशि मिली।
पीएम मोदी ने पश्चिम बंगाल में पहली बार प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (PMFBY) भी शुरू की। इसके तहत करीब 1.10 करोड़ किसानों को फसल बीमा का लाभ देने का लक्ष्य रखा गया है। साथ ही रेल, सड़क और स्वास्थ्य क्षेत्र की कई परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया गया।
पश्चिम बंगाल दिवस के मौके पर पीएम मोदी ने कहा कि राज्य में अब “नई ताजगी” दिख रही है और विकास की रफ्तार तेज हुई है। उन्होंने डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी का जिक्र करते हुए कहा कि बंगाल की ऐतिहासिक विरासत और पहचान को नई पीढ़ी तक पहुंचाना जरूरी है।
वहीं ओडिशा के मयूरभंज में राज्य सरकार के दो साल पूरे होने पर प्रधानमंत्री ने 47,600 करोड़ रुपये से ज्यादा की विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया। इस दौरान उन्होंने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को जन्मदिन की शुभकामनाएं दीं और उनके पैतृक गांव पहाड़पुर को “सोलर विलेज” के रूप में विकसित करने का ऐलान किया।
प्रधानमंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार का फोकस पूर्वी भारत के विकास पर है और जनजातीय युवाओं को शिक्षा व रोजगार से जोड़ने के लिए देशभर में करीब 500 एकलव्य मॉडल स्कूल खोले गए हैं। पीएम ने इसे “विकसित भारत” की दिशा में बड़ा कदम बताया।

