राजस्थान में स्वास्थ्य सेवाओं पर सियासी संग्राम:अरुण चतुर्वेदी का कांग्रेस पर पलटवार,बोले — ‘स्वास्थ्य व्यवस्था बिगाड़ने का काम पिछली सरकार ने किया’

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जयपुर, 10 अक्टूबर — राजस्थान में स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर सियासत गर्मा गई है। कफ सिरप से बच्चों की मौत, एसएमएस अस्पताल में आग और अब वहां के एक वरिष्ठ डॉक्टर के रिश्वत में पकड़े जाने के मामलों ने राज्य की राजनीति में हलचल मचा दी है।

नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली के आरोपों के जवाब में राज्य वित्त आयोग के अध्यक्ष डॉ. अरुण चतुर्वेदी ने पलटवार करते हुए कहा कि “कांग्रेस को यह बताना चाहिए कि उसका स्वास्थ्य मॉडल आखिर है क्या?” उन्होंने आरोप लगाया कि पिछली कांग्रेस सरकार ने स्वास्थ्य सेवाओं को प्राथमिकता नहीं दी, जिसके कारण आज राजस्थान स्वास्थ्य संकट झेल रहा है।

चतुर्वेदी ने कहा, “कांग्रेस सरकार के समय एसएमएस अस्पताल जैसे बड़े संस्थानों पर बोझ तो डाला गया, लेकिन उनके नियमित रखरखाव पर ध्यान नहीं दिया गया।” उन्होंने दावा किया कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राज्य सरकार अब बिगड़ी व्यवस्था को सुधारने पर काम कर रही है।

भाजपा नेता ने कहा कि राज्य में मेडिकल कॉलेजों की संख्या में वृद्धि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की देन है। उन्होंने कहा, “मोदी जी ने हर जिले में मेडिकल कॉलेज खोलने का संकल्प लिया, ताकि डॉक्टरों की कमी पूरी हो और आम लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिल सकें।”

एसएमएस रिश्वत मामला ‘नैतिक पतन’ का उदाहरण बताते हुए चतुर्वेदी ने कहा कि इस प्रकरण के लिए सरकार को दोष देना उचित नहीं है। उन्होंने कहा, “राजस्थान में ट्रैप के मामले पहले भी हुए हैं। यह नैतिकता और मूल्यों से जुड़ा मामला है। जब कोई व्यक्ति अच्छी नौकरी और आय के बावजूद भ्रष्टाचार करता है, तो यह उसकी शिक्षा और संस्कारों की कमी दर्शाता है।”

दिवाली पर ‘लोकल फॉर वोकल’ को बढ़ावा देने की अपील करते हुए चतुर्वेदी ने केंद्र सरकार के जीएसटी सुधार और कोविड काल में वैक्सीन निर्यात की सराहना की। उन्होंने कहा कि दिवाली पर देश में बने उत्पादों की खरीद-बिक्री से भारत की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।