गुजरात, 10 अक्टूबर 2025 — राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू शुक्रवार को गुजरात दौरे पर रहीं, जहां उन्होंने आध्यात्मिक और सामाजिक दोनों कार्यक्रमों में हिस्सा लिया। उन्होंने अपने दौरे की शुरुआत सोमनाथ मंदिर में दर्शन और पूजा-अर्चना के साथ की और मंदिर परिसर के पास स्थित सरदार वल्लभभाई पटेल की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित की।
इसके बाद राष्ट्रपति मुर्मू गिर राष्ट्रीय उद्यान पहुंचीं, जहां उन्होंने स्थानीय जनजातीय लोगों, विशेष रूप से सिद्धी जनजाति समुदाय के सदस्यों से बातचीत की। उन्होंने इस अवसर पर कहा कि “जनजातीय समाज के पास प्रगति के कई अवसर हैं” और उन्होंने अभिभावकों से आग्रह किया कि वे अपने बच्चों को बेहतर शिक्षा दिलाने पर ध्यान दें। उन्होंने खुशी जताई कि सिद्धी जनजाति की साक्षरता दर 72 प्रतिशत से अधिक है।
राष्ट्रपति ने कहा कि केंद्र सरकार जनजातीय समाज के कल्याण के लिए कई योजनाएं चला रही है। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे इन विकास और कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी प्राप्त करें, स्वयं लाभान्वित हों और अपने गांवों में दूसरों को भी उनसे जोड़ें।
उन्होंने कहा कि जनजातीय समुदाय की प्रकृति-मैत्रीपूर्ण जीवनशैली पूरे समाज के लिए प्रेरणा स्रोत है। राष्ट्रपति मुर्मू ने कहा, “हमारे जनजातीय भाइयों और बहनों की सक्रिय भागीदारी से हम एक ऐसे समाज और देश का निर्माण कर रहे हैं, जहां समानता, न्याय और सम्मान का वातावरण हो, जनजातीय संस्कृति और परंपराएं सुरक्षित रहें और उनके अधिकारों की रक्षा हो।”
राष्ट्रपति ने कहा कि यह प्रयास 2047 तक भारत को एक विकसित राष्ट्र बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

