दीपावली से पहले बढ़ी बिजली दरों पर सियासत गर्माई:नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली का सरकार पर हमला—बोले,“जनता नहीं,मुनाफा है सरकार की प्राथमिकता”

Jaipur Rajasthan

जयपुर, 10 अक्टूबर — दीपावली से ठीक पहले राजस्थान में बिजली दरों में बढ़ोतरी को लेकर सियासी घमासान शुरू हो गया है। नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने राज्य सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए इसे “सरकार का डर्टी चेहरा” करार दिया।

जूली ने कहा कि त्योहार के समय बिजली दरों में 15 प्रतिशत शुल्क बढ़ाने का फैसला जनता के साथ अन्याय है। उन्होंने आरोप लगाया कि “150 यूनिट मुफ्त बिजली देने का वादा एक और जुमला साबित हुआ।”

नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि पहले से ही महंगाई ने आम आदमी की कमर तोड़ दी है, पेट्रोल-डीजल से लेकर रोजमर्रा की वस्तुओं तक की कीमतें आसमान छू रही हैं, और अब सरकार ने दीपावली के मौके पर जनता को “वित्तीय झटका” दिया है।

जूली ने कहा, “यह फैसला लाखों आमजन और किसानों पर सीधा असर डालेगा, जो पहले ही खेती की लागत और अनिश्चित मानसून से जूझ रहे हैं। बिजली केवल घरेलू जरूरत नहीं, बल्कि कृषि और छोटे व्यापारियों की रीढ़ है।”

उन्होंने सरकार पर जनविरोधी नीतियों का आरोप लगाते हुए कहा कि विकास केवल घोषणाओं तक सीमित है। जूली ने तंज कसते हुए कहा, “सरकार जीएसटी का मतलब ‘गब्बर सिंह टैक्स’ बताकर ढोल पीटती रही, लेकिन हकीकत यह है कि दीपावली के उजाले में भी इस सरकार ने जनता के घरों में अंधेरा करने की तैयारी कर ली है।”

उन्होंने कहा कि सरकार का यह फैसला “बचत उत्सव” नहीं, बल्कि जनता के विरोध में उठाया गया कदम है, जो सरकार के असली चेहरे को उजागर करता है।