परिसीमन और महिला आरक्षण पर सियासत तेज,मल्लिकार्जुन खड़गे ने केंद्र पर ‘भ्रामक प्रचार’ का आरोप लगाया

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बेंगलुरु में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने परिसीमन और महिला आरक्षण के मुद्दे पर केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार विपक्ष के रुख को गलत तरीके से पेश कर रही है और “भ्रामक प्रचार” कर रही है।

खड़गे ने कहा कि विपक्ष महिला आरक्षण के खिलाफ नहीं है, बल्कि परिसीमन विधेयक को लेकर गंभीर आपत्तियां हैं। उनके मुताबिक यह विधेयक अनुसूचित जाति और जनजाति समुदायों के साथ-साथ चुनावी राज्यों के हितों के खिलाफ है, इसी वजह से विपक्षी दलों ने मिलकर इसका विरोध किया।

उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधते हुए कहा कि महिला आरक्षण और परिसीमन दो अलग-अलग मुद्दे हैं, लेकिन इन्हें मिलाकर पेश किया जा रहा है। खड़गे ने याद दिलाया कि 2023 में महिला आरक्षण विधेयक सर्वसम्मति से पारित हुआ था, लेकिन उसके लागू होने में देरी की गई।

कांग्रेस अध्यक्ष ने सवाल उठाया कि सरकार ने इस कानून को लंबे समय तक लागू क्यों नहीं किया और बाद में इसमें संशोधन क्यों लाया। उन्होंने कहा कि सरकार यह दिखाने की कोशिश कर रही है कि वह महिलाओं के पक्ष में है और विपक्ष इसके खिलाफ, जबकि वास्तविकता इससे अलग है।

इस बीच लोकसभा में 131वां संविधान संशोधन विधेयक, जो महिला आरक्षण को लागू करने से जुड़ा था, आवश्यक बहुमत हासिल नहीं कर सका। विपक्षी दलों ने स्पष्ट किया कि वे महिला आरक्षण का समर्थन करते हैं, लेकिन इसे परिसीमन प्रक्रिया से जोड़ने का विरोध करते हैं।

तीन दिन चले विशेष सत्र के दौरान इस मुद्दे पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस देखने को मिली, जिससे आने वाले समय में इस विषय पर राजनीतिक टकराव और बढ़ने के संकेत मिल रहे हैं।