महिला आरक्षण और परिसीमन पर सियासत तेज:कांग्रेस ने भाजपा पर ‘राजनीतिक साजिश’ का आरोप लगाया

Jaipur Rajasthan

राजस्थान में गोविंद सिंह डोटासरा ने महिला आरक्षण और परिसीमन के मुद्दे पर केंद्र की भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सरकार पर तीखा हमला बोला है। जयपुर में प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा ने महिला आरक्षण के मुद्दे को “राजनीतिक लाभ” के लिए इस्तेमाल किया और इसे जनगणना और परिसीमन से जोड़कर लागू करने में देरी की।

डोटासरा ने कहा कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम 2023 में संसद से पारित हो चुका था और कांग्रेस सहित विपक्ष ने महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए इसका समर्थन किया था। उनका कहना है कि सरकार ने तीन साल तक इसे लागू नहीं किया और अब परिसीमन से जोड़कर नया संशोधन लाने की कोशिश की।

कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि प्रस्तावित परिसीमन के जरिए लोकसभा सीटों की संख्या बढ़ाकर राजनीतिक फायदा लेने की कोशिश की जा रही थी। उन्होंने कहा कि 2011 की जनगणना के आधार पर परिसीमन करने से ओबीसी वर्ग के आरक्षण पर असर पड़ सकता है और यह “संघीय मान्यताओं के खिलाफ” होगा।

उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि 2021 की जनगणना अब तक क्यों नहीं कराई गई और महिला आरक्षण कानून को लागू करने में देरी क्यों हुई। कांग्रेस का दावा है कि अगर सरकार की गारंटी साफ होती तो जनगणना के बाद जल्द आरक्षण लागू किया जा सकता था।

कांग्रेस ने यह भी कहा कि उसने पहले 1996 और फिर 2010 में महिला आरक्षण बिल को आगे बढ़ाया था। पार्टी का आरोप है कि भाजपा ने पहले इसका विरोध किया और अब राजनीतिक लाभ के लिए इसे मुद्दा बना रही है।

वहीं प्रदेश महिला कांग्रेस अध्यक्ष सारिका सिंह ने कहा कि भाजपा ने महिलाओं की उम्मीदों को निराश किया है। उन्होंने घोषणा की कि महिला कांग्रेस राज्यभर में आंदोलन चलाएगी और महिला आरक्षण तुरंत लागू करने की मांग को लेकर रैली निकालेगी।

यह बयान ऐसे समय में आया है जब संसद में संविधान संशोधन से जुड़े बिल पास नहीं हो सका और महिला आरक्षण तथा परिसीमन को लेकर राजनीतिक टकराव तेज हो गया है।