लोकसभा में मंगलवार को ऑपरेशन सिंदूर पर हुई बहस के दूसरे दिन कांग्रेस नेताओं राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा ने सरकार पर तीखा हमला बोला।
राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री को दी सीधी चुनौती
राहुल गांधी ने अपनी तकरीब में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के दावे का हवाला देते हुए कहा, “ट्रम्प ने 29 बार कहा है कि उन्होंने भारत-पाकिस्तान के बीच सीजफायर करवाया। अगर वह झूठ बोल रहे हैं, तो प्रधानमंत्री को सदन में खड़े होकर यह बात कहनी चाहिए।”
राहुल ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री मोदी सशस्त्र बलों का राजनीतिक लाभ लेने के लिए इस्तेमाल कर रहे हैं, जो देश के लिए खतरनाक है। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि प्रधानमंत्री में इंदिरा गांधी की तरह 50% भी दम है, तो कहें कि ऑपरेशन सिंदूर में भारत का एक भी फाइटर जेट नहीं गिरा।
राहुल की 4 बड़ी बातें
- सरेंडर का आरोप: राहुल ने कहा कि रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने खुद बताया कि ऑपरेशन 1:05 बजे शुरू हुआ और 1:35 पर पाकिस्तान को फोन कर बताया गया कि हमने उनके सैन्य ठिकानों को टारगेट नहीं किया। “मतलब सरकार ने 35 मिनट में ही सरेंडर कर दिया।”
- फाइटर जेट गंवाने का दावा: राहुल बोले, “हमने कुछ एयरक्राफ्ट खोए क्योंकि हमें दुश्मन के सैन्य ठिकानों को निशाना नहीं बनाने के लिए कहा गया। यदि मेरी बात पहले मानी होती, तो 5 फाइटर जेट न गंवाने पड़ते।”
- ट्रम्प-असीम मुलाकात पर सवाल: उन्होंने पूछा कि अगर ट्रम्प भारत के पक्ष में थे, तो उन्होंने पाकिस्तानी आर्मी चीफ असीम मुनीर को व्हाइट हाउस क्यों बुलाया? “प्रधानमंत्री मोदी को भी ट्रम्प ने वहां नहीं बुलाया।”
- सीजफायर का श्रेय किसका?: राहुल ने कहा कि पीएम को स्पष्ट कहना चाहिए कि ट्रम्प झूठ बोल रहे हैं, यदि उन्होंने सीजफायर नहीं करवाया।
प्रियंका गांधी का हमला: “सरकार ने पहलगाम में लोगों को भगवान भरोसे छोड़ा”
प्रियंका गांधी वाड्रा ने अपने भाषण में पहलगाम में हुए आतंकी हमले की घटना का विस्तार से जिक्र किया और सरकार को सीधे तौर पर जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा, “जब हमला हुआ, वहां एक भी सुरक्षाकर्मी मौजूद नहीं था। पीएम को श्रेय लेना आता है, लेकिन जिम्मेदारी लेने कोई नहीं आता।”
प्रियंका की 4 मुख्य बातें
- चुन-चुनकर मारे गए लोग: उन्होंने बताया कि आतंकियों ने आम लोगों को निशाना बनाते हुए बच्चों के सामने उनके परिजनों की हत्या की।
- झूठी सरकार, कमजोर सेना: “जब सरकार कायर और झूठी हो जाती है तो वह सेना के पराक्रम को भी कमजोर कर देती है।”
- जनता की अनदेखी: उन्होंने कहा कि सरकार जनता के लिए नहीं, प्रचार के लिए काम कर रही है। “रक्षा मंत्री को सदन में जवाब देना चाहिए कि हमारे कितने फाइटर जेट क्षतिग्रस्त हुए।”
- मृतकों के नाम गिनाए: प्रियंका ने पहलगाम हमले में मारे गए 25 भारतीय नागरिकों के नाम पढ़े और कहा कि यह देश के हर नागरिक को झकझोर देने वाली घटना है।
विपक्ष के सवालों के बीच अखिलेश यादव का तंज
सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने कहा, “जिन एयरक्राफ्ट की नींबू-मिर्च लगाकर पूजा की गई थी, क्या वे भी ऑपरेशन में शामिल हुए थे? सरकार यह बताए कि पाकिस्तान के पीछे कौन सा देश खड़ा है। हमें आतंकवाद से जितना खतरा है, उतना ही चीन से भी है।”
निष्कर्ष:
ऑपरेशन सिंदूर पर संसद में सरकार और विपक्ष के बीच घमासान जारी है। एक तरफ जहां पीएम मोदी ने ऑपरेशन को भारत की ताकत बताया, वहीं विपक्ष ने इसे जल्दबाजी और अपर्याप्त रणनीति करार दिया है। विपक्ष सरकार से जवाब और पारदर्शिता की मांग कर रहा है।

