इंदौर के ट्रांसपोर्ट कारोबारी राजा रघुवंशी की हत्या मामले में नया मोड़ तब आया जब उनकी पत्नी सोनम रघुवंशी समेत पांच आरोपियों को बुधवार को शिलॉन्ग कोर्ट में पेश किया गया। पुलिस इन सभी की रिमांड की मांग करेगी और सूत्रों के अनुसार, आरोपियों का आमना-सामना कराने के साथ सीन रीक्रिएशन की भी योजना है।
इस बीच इंदौर में राजा के परिवार से एक भावनात्मक मुलाकात सामने आई। सोनम का भाई गोविंद अचानक राजा के घर पहुंचा और मां से गले लगकर रो पड़ा। राजा के भाई विपिन ने बताया कि गोविंद ने माफी मांगते हुए कहा, “मम्मी जी, मेरी बहन से गलती हुई है। उसे इसकी सजा मिलनी चाहिए, चाहे वह फांसी ही क्यों न हो।” गोविंद ने यह भी दावा किया कि सोनम और आरोपी राज कुशवाह के बीच किसी तरह का अफेयर नहीं था। “वह तो राज को राखी बांधती थी,” उसने कहा।
हत्या की योजना और घटनाक्रम
शिलॉन्ग के पुलिस अधीक्षक विवेक स्येम के मुताबिक, सोनम 22 मई को ही शिलॉन्ग पहुंच गई थी और उसी दिन राजा की हत्या की साजिश रची गई थी। पुलिस का दावा है कि योजना ‘प्लान ए’ के तहत सोनम को राजा को पहाड़ की चोटी पर ले जाकर सेल्फी के बहाने खाई में धक्का देना था। लेकिन खराब मौसम और अंधेरे के कारण यह योजना टालनी पड़ी। इसके बाद ‘प्लान बी’ के तहत अगले दिन राजा की हत्या कर दी गई।
हत्या के बाद सभी आरोपी घटनास्थल से करीब 11 किलोमीटर दूर इकट्ठा हुए थे। पुलिस के अनुसार, यह एक सोची-समझी साजिश थी जिसमें सुपारी किलर्स की भी भूमिका थी।
हत्या के बाद की सोनम की गतिविधियां
राजा रघुवंशी की हत्या के दो दिन बाद, 25 मई को सोनम ट्रेन से शिलॉन्ग से सिलीगुड़ी के रास्ते इंदौर पहुंची थी। वहां वह एक किराए के कमरे में रुकी और बाद में एक ड्राइवर के माध्यम से वाराणसी होते हुए गाजीपुर पहुंची। 17 दिन तक लापता रहने के बाद सोनम 9 जून को गाजीपुर में मिली, जिसके बाद पूरे हत्याकांड का खुलासा हुआ।
पृष्ठभूमि
राजा और सोनम की शादी इसी साल 11 मई को हुई थी। दोनों 21 मई को शिलॉन्ग पहुंचे और 23 मई को आखिरी बार परिजनों से संपर्क किया। 2 जून को राजा का शव मिला, जिसके बाद जांच में तेजी आई।
अब पुलिस हत्याकांड की तह तक पहुंचने के लिए आरोपियों से गहन पूछताछ करने की तैयारी में है। मामला देशभर में चर्चाओं में बना हुआ है और शिलॉन्ग कोर्ट की सुनवाई पर सभी की नजरें टिकी हैं।

