कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री राजेश पायलट की 25वीं पुण्यतिथि के अवसर पर बुधवार को राजस्थान के दौसा जिले में स्थित जीरोता-भंडाना स्मृति स्थल पर सर्वधर्म प्रार्थना सभा आयोजित की गई। इस अवसर पर कांग्रेस के कई बड़े नेता उन्हें श्रद्धांजलि देने पहुंचे।
कार्यक्रम में पहुंचे पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा, “राजेश पायलट के साथ मेरा 18 साल तक साथ रहा। उनका इस तरह अचानक चले जाना आज भी दुख देता है।” जब गहलोत से सचिन पायलट के साथ संबंधों को लेकर सवाल किया गया तो उन्होंने कहा, “हम कभी दूर नहीं थे, हमारे बीच हमेशा प्रेम और अपनापन रहा है।”
कांग्रेस के कई प्रमुख नेता मौजूद
प्रार्थना सभा में राजस्थान कांग्रेस प्रभारी सुखजिंदर रंधावा, प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा, नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली सहित देश और प्रदेश से कांग्रेस के तमाम वरिष्ठ नेता शामिल हुए। इस कार्यक्रम में पार्टी के 66 विधायकों में से 47 विधायक और सभी 8 सांसद मौजूद रहे, जो पायलट परिवार के प्रति पार्टी के समर्थन को दर्शाता है।
सचिन पायलट और गहलोत साथ-साथ
प्रार्थना सभा के दौरान राजेश पायलट से जुड़ी एक प्रदर्शनी भी लगाई गई थी। जब नेता प्रदर्शनी की ओर बढ़े तो भीड़ के कारण अशोक गहलोत पीछे छूट गए। इसे देखते हुए सचिन पायलट खुद पीछे लौटे और गहलोत को साथ लेकर आगे बढ़े। यह दृश्य राजनीतिक गलियारों में दोनों नेताओं के बीच संबंधों को लेकर जारी कयासों के बीच एक सकारात्मक संकेत के तौर पर देखा जा रहा है।
कार्यक्रम ने एक बार फिर यह दर्शाया कि राजेश पायलट की स्मृति आज भी राजस्थान की राजनीति और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के दिलों में जीवित है।

