राष्ट्रीय स्वास्थ्य परिषद सम्मेलन में राजस्थान ने रखा अपना पक्ष,मातृ-शिशु स्वास्थ्य और डिजिटल हेल्थ पर जोर

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गजेंद्र सिंह खिमसर ने नई दिल्ली में 16वें केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण परिषद सम्मेलन में राजस्थान की स्वास्थ्य योजनाओं और कार्यकर्ताओं को सामने रखा। उन्होंने कहा कि राज्य सुलभ, किफायती और दिव्यांग स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार के लिए प्रतिबद्ध है।

सम्मेलन की अध्यक्षता केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जगत प्रकाश नड्डा ने की। उन्होंने कहा कि “स्वस्थ भारत, विकसित भारत 2047 की नींव है” और केंद्र व राज्यों की साझेदारी से ही स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत किया जा सकता है।

राजस्थान सरकार के अनुसार, मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य योजना के तहत राज्य में 25 लाख रुपये तक कैशलेस इलाज की सुविधा दी जा रही है, जबकि डिजिटल स्वास्थ्य मिशन के तहत 7 करोड़ से ज्यादा अभा खाता बनाए जा चुके हैं।

सम्मेलन में केंद्र सरकार ने कई नए राष्ट्रीय स्वास्थ्य पहलों की भी घोषणा की। इनमें ‘सुमन रोडमैप 2030’ शामिल है, जिसका लक्ष्य मातृ और नवजात शिशु मृत्यु दर में कमी लाना है। इसके साथ ही राष्ट्रीय एम्बुलेंस सेवा (NAS) 2026 के नए दिशा-निर्देश और ‘एनीमिया मुक्त भारत अभियान’ का नया ढांचा भी जारी किया गया।

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री नड्डा ने कहा कि पिछले एक दशक में भारत ने मातृ मृत्यु दर, शिशु मृत्यु दर और टीकाकरण कवरेज में उल्लेखनीय प्रगति दर्ज की है। सरकार का कहना है कि इन नए पहलों से सार्वजनिक स्वास्थ्य व्यवस्था और अधिक मजबूत होगी।