वृंदावन (मथुरा) के कथावाचक इंद्रेश उपाध्याय ने शुक्रवार को हरियाणा की शिप्रा शर्मा के साथ जयपुर में वैदिक रीति-रिवाज से सात फेरे लिए। विवाह की मुख्य रस्में करीब तीन घंटे चलीं, जहां मंदिर-तर्ज पर बनाया गया भव्य मंडप समारोह का केंद्र रहा।
तिरुपति बालाजी मंदिर की शैली पर तैयार किए गए विवाह मंडप में दूल्हे के पीछे उनके माता-पिता और पंडित धीरेंद्र शास्त्री विराजमान थे। फेरे की रस्म के दौरान देवी चित्रलेखा, भागवत प्रभु समेत कई साधु-संत और सेलिब्रिटी मौजूद रहे।
इससे पहले जयपुर एयरपोर्ट पर पहुंचे धीरेंद्र शास्त्री और कवि कुमार विश्वास ने दूल्हा-दुल्हन को शुभकामनाएं दीं। मजाकिया लहज़े में कुमार विश्वास ने कहा, “अब इन्हीं का नंबर है।”
विवाह की रस्में जयपुर के ताज आमेर होटल में आयोजित की गईं, जहां हरिद्वार, नासिक और वृंदावन से आए 101 पंडितों ने मंत्रोच्चार के साथ फेरे संपन्न कराए। इंद्रेश उपाध्याय सुबह 11:15 बजे मंडप पहुँचे, जबकि दुल्हन शिप्रा दोपहर 12 बजे गोल्डन साड़ी में मंडप में आईं। इंद्रेश ने हाथ में चाँदी की छड़ी लेकर सभी वैदिक रस्में निभाईं। इससे पहले सुबह सेहराबंदी और बारात निकाली गई थी।
शाम को जयमाला और आशीर्वाद समारोह आयोजित होगा। जानकारी के अनुसार, इस विवाह में लगभग 500 वीआईपी मेहमानों के शामिल होने की संभावना है, जिनमें उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सहित कई राजनीतिक हस्तियाँ भी शामिल हो सकती हैं।
शादी से एक दिन पहले गुरुवार को मेहंदी और हल्दी की रस्में हुई थीं। इसी दौरान शिप्रा ने इंद्रेश के हाथों पर मेहंदी लगाई थी और दोनों पहली बार सार्वजनिक रूप से साथ नज़र आए थे। रात में संगीत समारोह हुआ, जिसमें इंद्रेश के माता-पिता ने डांस किया और बॉलीवुड सिंगर बी प्राक ने भी प्रस्तुति दी।
जयपुर में आयोजित यह विवाह समारोह भव्यता, परंपरा और आध्यात्मिक माहौल का अनोखा संगम रहा।

