हरिद्वार के मनसा देवी मंदिर में भगदड़,6 श्रद्धालुओं की मौत,29 घायल

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रविवार सुबह उत्तराखंड के हरिद्वार स्थित प्रसिद्ध मनसा देवी मंदिर में भगदड़ मचने से कम से कम 6 लोगों की मौत हो गई, जबकि 29 अन्य घायल हो गए। यह हादसा सुबह करीब 9:15 बजे उस समय हुआ जब बड़ी संख्या में श्रद्धालु मंदिर की ओर सीढ़ियों से चढ़ाई कर रहे थे।

मंदिर शिवालिक पहाड़ियों के बिल्व पर्वत पर स्थित है, जहां पहुंचने के लिए श्रद्धालुओं को लगभग 800 सीढ़ियां चढ़नी पड़ती हैं या फिर वे रोपवे का इस्तेमाल करते हैं।

चश्मदीद का बयान और अफवाह पर सफाई

एक चश्मदीद संतोष कुमार ने बताया कि हादसे के समय वे मंदिर से कुछ ही कदम दूर थे। उन्होंने बताया कि भारी भीड़ के बीच कुछ लोगों ने आगे बढ़ने के लिए किनारे लगे तारों का सहारा लिया। इसी दौरान तारों में करंट फैलने की अफवाह फैली, जिससे भगदड़ मच गई। कई लोग सीढ़ियों पर गिर गए और कुचले गए।

हालांकि हरिद्वार पुलिस ने करंट फैलने की बात को सिरे से नकारते हुए इसे अफवाह बताया है। गढ़वाल मंडल के कमिश्नर विनय शंकर पांडे ने कहा कि हादसा भीड़ की अधिकता के कारण हुआ।

हरिद्वार के एसएसपी प्रमेंद्र सिंह डोभाल ने बताया, “हमें मनसा देवी मंदिर में भगदड़ में 35 लोगों के घायल होने की सूचना मिली थी। इनमें से छह लोगों की इलाज के दौरान मौत हो गई, जबकि बाकी घायलों का इलाज चल रहा है।”

मंदिर से जुड़ी जानकारी

मनसा देवी मंदिर हरिद्वार की पहाड़ियों पर स्थित एक प्रमुख धार्मिक स्थल है। यह हर की पौड़ी से लगभग 3 किलोमीटर दूर स्थित है और यहां तक पहुंचने के लिए 1.5 किलोमीटर लंबी चढ़ाई या रोपवे का विकल्प उपलब्ध है।

हादसे के बाद प्रशासन ने मंदिर क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था और भीड़ नियंत्रण के इंतजामों की समीक्षा शुरू कर दी है।