‘उदयपुर फाइल्स’ की रिलीज पर सुप्रीम कोर्ट ने लगाई रोक,कहा—ट्रायल पर पड़ सकता है असर

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सुप्रीम कोर्ट ने टेलर कन्हैयालाल की हत्या पर आधारित फिल्म ‘उदयपुर फाइल्स’ की रिलीज पर फिलहाल रोक हटाने से इनकार कर दिया है। अदालत का मानना है कि फिल्म की रिलीज से मामले में चल रही न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है।

न्यायमूर्ति सूर्यकांत और न्यायमूर्ति जॉयमाला बागची की पीठ ने कहा, “प्रथम दृष्टया यह प्रतीत होता है कि फिल्म यदि इस समय रिलीज होती है, तो वह ट्रायल को प्रभावित कर सकती है, और यह एक गंभीर मामला है। न्यायिक प्रक्रिया की पवित्रता सर्वोपरि है।”

फिल्म निर्माताओं को हुआ नुकसान, मुआवजे की संभावना

हालांकि कोर्ट ने यह भी माना कि यदि फिल्म की रिलीज में देरी के कारण निर्माता को आर्थिक नुकसान हो रहा है, तो उन्हें मुआवजा मिलने की संभावना हो सकती है। लेकिन फिलहाल निष्पक्ष सुनवाई को प्राथमिकता दी जाएगी।

फिल्म निर्माता फायर फॉक्स मीडिया प्राइवेट लिमिटेड ने इस रोक के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की थी। वहीं, मुख्य आरोपी मोहम्मद जावेद ने भी एक याचिका दायर कर फिल्म की रिलीज पर आपत्ति जताई थी, जिसमें कहा गया कि इससे निष्पक्ष सुनवाई के उनके अधिकार का उल्लंघन होगा।

धमकियों की शिकायत, सुरक्षा समीक्षा का निर्देश

सुनवाई के दौरान अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल गौरव भाटिया ने अदालत को बताया कि फिल्म निर्माता और कन्हैयालाल के बेटे को जान से मारने की धमकियां मिल रही हैं। इस पर सुप्रीम कोर्ट ने संबंधित राज्य के पुलिस कमिश्नर और एसपी को सुरक्षा की समीक्षा करने का निर्देश दिया।

अदालत ने केंद्र सरकार की उस समिति को भी निर्देशित किया है, जो इस विवाद की जांच कर रही है, कि वह जल्द से जल्द निर्णय ले।

क्या है मामला?

यह मामला जून 2022 का है, जब राजस्थान के उदयपुर में टेलर कन्हैयालाल की दुकान में घुसकर दो लोगों—मोहम्मद रियाज अत्तारी और गौस मोहम्मद—ने गला रेतकर हत्या कर दी थी। हत्या का वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था, जिससे पूरे देश में आक्रोश फैल गया था।

राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने मामले की जांच करते हुए कुल 11 लोगों के खिलाफ UAPA, हत्या, आतंकी गतिविधियों और आपराधिक षड्यंत्र जैसे गंभीर आरोपों में चार्जशीट दायर की है। दो आरोपी—सलमान और अबू इब्राहिम—पाकिस्तान के कराची के निवासी हैं और फिलहाल फरार हैं।

दिल्ली हाईकोर्ट का आदेश बना आधार

गौरतलब है कि दिल्ली हाईकोर्ट ने 10 जुलाई को जमीयत उलेमा-ए-हिंद की याचिका पर फिल्म की रिलीज पर अंतरिम रोक लगा दी थी। इसी आदेश को फिल्म निर्माता कंपनी ने सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी।

अब यह मामला 21 जुलाई को दोबारा सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया गया है। तब तक ‘उदयपुर फाइल्स’ की रिलीज पर रोक बनी रहेगी।