इस्लामाबाद/नई दिल्ली। भारत और पाकिस्तान के बीच बयानबाजी एक बार फिर तेज हो गई है। पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने रविवार को भारत को धमकी देते हुए कहा कि अगर इस बार जंग हुई, तो भारत अपने लड़ाकू विमानों के मलबे के नीचे दब जाएगा।
आसिफ ने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म X पर लिखा कि भारतीय नेतृत्व अपनी खोई हुई विश्वसनीयता पाने के लिए भड़काऊ बयान दे रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि नई दिल्ली जानबूझकर तनाव बढ़ा रही है ताकि नागरिकों का ध्यान घरेलू चुनौतियों से हटाया जा सके।
इससे पहले शनिवार रात को पाकिस्तान सेना ने भी चेतावनी दी थी कि अगर भारत से युद्ध हुआ तो यह “तबाही” लेकर आएगा। पाकिस्तान सेना के मीडिया विंग ISPR ने कहा कि भारतीय रक्षा मंत्री, सेना और वायुसेना प्रमुखों के “उकसाने वाले बयानों” से जंग की स्थिति बन रही है।
ISPR ने भारतीय सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी के हालिया बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि “जहां तक पाकिस्तान को नक्शे से मिटाने की बातें हैं, भारत को समझना चाहिए कि ऐसा हुआ तो दोनों देश तबाह हो जाएंगे।”
दरअसल, शुक्रवार को राजस्थान में सैनिकों को संबोधित करते हुए जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने कहा था कि “पाकिस्तान को तय करना होगा कि उसे नक्शे में रहना है या नहीं। अगर उसे अपनी जगह बनानी है, तो उसे आतंकवाद को संरक्षण देना बंद करना होगा।”
भारत के तीन बड़े बयान जिन पर पाकिस्तान ने प्रतिक्रिया दी:
- रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह (3 अक्टूबर): भारत अपनी एकता और अखंडता की रक्षा के लिए जरूरत पड़ने पर किसी भी सीमा को पार कर सकता है।
- आर्मी चीफ जनरल उपेंद्र द्विवेदी (3 अक्टूबर): अब भारत संयम नहीं रखेगा, इस बार कार्रवाई आगे तक जाएगी।
- वायुसेना प्रमुख एपी सिंह (3 अक्टूबर): ऑपरेशन सिंदूर में भारत ने पाकिस्तान के 12-13 विमान और 9 आतंकी ठिकाने नष्ट किए।
इस बीच, JNU प्रोफेसर श्रीकांत कोंडापल्ली ने दावा किया है कि पहलगाम आतंकी हमले में शामिल आतंकियों के पास चीनी सैटेलाइट फोन था, जिससे उन्होंने पाकिस्तान से संपर्क किया। उन्होंने कहा कि चीन आतंकवाद पर अपने वादों के बावजूद पाकिस्तान को तकनीकी मदद दे रहा है।
गौरतलब है कि भारत ने 7 मई को ऑपरेशन सिंदूर के तहत पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में 9 आतंकी ठिकानों पर एयर स्ट्राइक की थी, जिसमें 100 से ज्यादा आतंकियों के मारे जाने की बात कही गई थी। पाकिस्तान ने भी इसे “हमला” बताते हुए जवाबी कार्रवाई की चेतावनी दी थी।

