कारगिल विजय दिवस:1999 की जंग में भारतीय सेना की जीत और 527 जवानों के बलिदान को देश ने किया याद

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हर्षित नागदा की रिपोर्ट


नई दिल्ली: देशभर में शनिवार को 27वां कारगिल विजय दिवस मनाया गया। इस मौके पर 1999 के कारगिल युद्ध में शहीद हुए सैनिकों को श्रद्धांजलि दी गई और भारतीय सेना के ऑपरेशन विजय की सफलता को याद किया गया। हर साल 26 जुलाई को मनाया जाने वाला यह दिवस उन सैनिकों के सम्मान में मनाया जाता है, जिन्होंने कारगिल, द्रास, बटालिक और मशकोह घाटी की रणनीतिक चोटियों पर दोबारा तिरंगा फहराया था।

कारगिल युद्ध की शुरुआत तब हुई, जब 1999 में पाकिस्तानी सैनिकों और घुसपैठियों ने नियंत्रण रेखा (LoC) के भारतीय हिस्से में कई ऊंची चोटियों पर कब्जा कर लिया। इसके बाद भारतीय सेना ने ऑपरेशन विजय और भारतीय वायुसेना ने ऑपरेशन सफेद सागर के तहत सैन्य अभियान चलाया। करीब 84 दिनों तक चले संघर्ष के बाद 26 जुलाई 1999 को भारत ने सभी प्रमुख चौकियों पर फिर से नियंत्रण स्थापित कर लिया।

युद्ध के दौरान भारतीय सैनिकों ने 16,000 से 18,000 फीट की ऊंचाई, बेहद कम तापमान और कठिन भौगोलिक परिस्थितियों में लड़ाई लड़ी। इस अभियान में 527 सैनिक शहीद हुए, जबकि 1,363 जवान घायल हुए। सेना ने टाइगर हिल, तोलोलिंग और प्वाइंट 4875 समेत कई महत्वपूर्ण चोटियों पर दोबारा कब्जा किया।

कारगिल युद्ध ने कई सैनिकों की वीरता को देश के सामने लाया। कैप्टन विक्रम बत्रा, लेफ्टिनेंट मनोज कुमार पांडेय, ग्रेनेडियर योगेंद्र सिंह यादव और राइफलमैन संजय कुमार समेत कई सैनिकों को सर्वोच्च वीरता पुरस्कारों से सम्मानित किया गया। कैप्टन विक्रम बत्रा का नारा “ये दिल मांगे मोर” आज भी कारगिल युद्ध की पहचान माना जाता है।

युद्ध के बाद भारत ने सीमाओं की निगरानी, सैन्य ढांचे, आधुनिक हथियारों और खुफिया समन्वय को मजबूत करने की दिशा में कई कदम उठाए। रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि आज सीमावर्ती इलाकों में दिखाई देने वाली आधुनिक सुरक्षा व्यवस्था की नींव कारगिल युद्ध के बाद किए गए सुधारों से और मजबूत हुई।

कारगिल विजय दिवस पर द्रास स्थित कारगिल युद्ध स्मारक में श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किए गए। प्रधानमंत्री, रक्षा मंत्री, तीनों सेनाओं के वरिष्ठ अधिकारियों, पूर्व सैनिकों और शहीदों के परिजनों ने अमर वीरों को श्रद्धांजलि अर्पित की। देश के विभिन्न हिस्सों में भी शहीदों की स्मृति में कार्यक्रम आयोजित किए गए।

कारगिल विजय दिवस भारतीय सैनिकों के साहस, बलिदान और देश की संप्रभुता की रक्षा के संकल्प की याद दिलाता है। 27 साल बाद भी यह दिन उन सैनिकों के योगदान को सम्मान देने का अवसर है, जिन्होंने देश की रक्षा के लिए अपना सर्वोच्च बलिदान दिया।