जोधपुर:केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने एफडीडीआई का दौरा किया,अत्याधुनिक लैब और शोध सुविधाओं का लिया जायजा

Jodhpur Rajasthan

केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने फुटवियर डिजाइन एंड डेवलपमेंट इंस्टीट्यूट (एफडीडीआई), जोधपुर का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने संस्थान के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (सीओई), अत्याधुनिक प्रयोगशालाओं तथा संस्थान में संचालित शोध एवं नवाचार कार्यक्रमों का अवलोकन किया।

एफडीडीआई के कार्यकारी निदेशक अनिल कुमार ने केंद्रीय मंत्री का स्वागत किया। उन्होंने संस्थान की शैक्षणिक, तकनीकी एवं शोध गतिविधियों की जानकारी देते हुए सीओई, विभिन्न अत्याधुनिक लैब्स, डिजाइन एवं तकनीकी सुविधाओं तथा उद्योग-केंद्रित शोध कार्यक्रमों के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने कहा कि एफडीडीआई विद्यार्थियों को डिजाइन, तकनीक, नवाचार और उद्योग की आवश्यकताओं से जोड़ने के लिए निरंतर कार्य कर रहा है।

इस अवसर पर केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने कहा, “जोधपुर में एफडीडीआई जैसे प्रतिष्ठित और अत्याधुनिक संस्थान का होना पूरे जोधपुर के लिए गर्व की बात है। इस संस्थान में उपलब्ध आधुनिक सुविधाएं, सेंटर ऑफ एक्सीलेंस और अत्याधुनिक लैब्स विद्यार्थियों को नई तकनीकों और नवाचार के साथ सीखने का अवसर प्रदान कर रहे हैं। फुटवियर उद्योग में युवाओं के लिए रोजगार, कौशल विकास, उद्यमिता और व्यवसाय के क्षेत्र में अपार संभावनाएं हैं। ऐसे संस्थान युवाओं को इन अवसरों से जोड़ने और उन्हें उद्योग की आवश्यकताओं के अनुरूप तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।”

उन्होंने संस्थान में उपलब्ध अत्याधुनिक सुविधाओं, आधुनिक प्रयोगशालाओं और शोध कार्यक्रमों की सराहना करते हुए विद्यार्थियों को नवाचार, अनुसंधान और उद्यमिता के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।

कार्यकारी निदेशक ने कहा, “एफडीडीआई विद्यार्थियों को आधुनिक तकनीक, डिजाइन शिक्षा और उद्योग की आवश्यकताओं से जोड़ने के लिए निरंतर प्रयासरत है। संस्थान में उपलब्ध सेंटर ऑफ एक्सीलेंस और अत्याधुनिक लैब्स विद्यार्थियों एवं शोधकर्ताओं को प्रयोग, नवाचार और अनुसंधान के लिए एक सशक्त मंच प्रदान करते हैं। केंद्रीय मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत का संस्थान में आगमन हमारे लिए प्रेरणादायक है।”

दौरे के दौरान केंद्रीय मंत्री ने एफडीडीआई की शैक्षणिक एवं तकनीकी गतिविधियों में विशेष रुचि दिखाई और संस्थान द्वारा डिजाइन शिक्षा, तकनीकी विकास, शोध एवं नवाचार के क्षेत्र में किए जा रहे कार्यों की सराहना की।